उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
जारी चेतावनी के अनुसार 18 सितंबर 2026 प्रातः 11:04 बजे से 19 सितंबर 2026 प्रातः 11:04 बजे तक राज्य के कई पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल,
पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जनपदों के कुछ स्थानों पर मौसम का मिजाज बदल सकता है।
इस दौरान तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने की घटनाएं होने की आशंका जताई गई है।
विशेष रूप से रामनगर, हल्द्वानी, लोहाघाट, टनकपुर, मुक्तेश्वर, कोटद्वार, रानीखेत, कपकोट, मुनस्यारी, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, सोनप्रयाग, डोईवाला,
मसूरी, चकराता और पुरोला सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों, पर्यटकों, चारधाम यात्रियों तथा पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यरत लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है।
किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सावधानी ही सुरक्षा
– गर्जन एवं बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न रहें।
– पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
– मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करें।
– मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन में शरण लें।
– किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
येलो अलर्ट का अर्थ: येलो अलर्ट संभावित मौसमीय गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी है।
इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते सावधानी बरतने के लिए आगाह करना है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके।