उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और स्वच्छता के संदेश को एक मंच पर लाते हुए नगर निगम देहरादून ने जन-जागरूकता की अनूठी पहल की।
शनिवार को परेड ग्राउंड में आयोजित स्वच्छता रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से गढ़वाली,
कुमाऊँनी और जौनसारी लोक संस्कृति के रंगों में स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
नगर आयुक्त ने हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता रैली को रवाना किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों, संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के प्रति जागरूक किया।
लोक संस्कृति की जीवंत प्रस्तुतियों के साथ आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ अपने शहर,
सार्वजनिक स्थलों और प्राकृतिक परिवेश को स्वच्छ रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य लोक संस्कृति को जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बनाते हुए स्वच्छता अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना रहा।
रैली के माध्यम से नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने, कचरे का उचित निस्तारण करने तथा स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
उत्तराखंड की गढ़वाली, कुमाऊँनी एवं जौनसारी लोक परंपराएँ अपनी विशिष्ट पहचान, लोकगीतों, संगीत, नृत्य और सामुदायिक सहभागिता के लिए जानी जाती हैं।
इन्हीं सांस्कृतिक परंपराओं को स्वच्छता अभियान से जोड़कर नगर निगम ने स्थानीय संस्कृति के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में लोक कलाकारों की सहभागिता ने स्वच्छता के संदेश को सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ आमजन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर नागरिकों से अपील की गई कि वे कूड़ा निर्धारित स्थानों एवं कूड़ा संग्रहण वाहनों में ही डालें,
गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएँ तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचें।
साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहते हुए शहर की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
नगर निगम देहरादून द्वारा विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में लोक संस्कृति और स्वच्छता रैली का समन्वय करते हुए यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है।
जनसहयोग, सामूहिक प्रयासों और सांस्कृतिक जागरूकता से ही देहरादून को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाया जा सकता है।
नगर निगम ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेते हुए स्वच्छता को अपनी आदत बनाएँ और स्वच्छ देहरादून के निर्माण में सहभागी बनें।