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DehradunNews:- निदेशक यातायात उत्तराखण्ड ने राज्य की यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की

देहरादून – पुलिस महानिरिक्षक/निदेशक यातायात उत्तराखण्ड ने गोष्ठी में जनपदों में यातायात व्यवस्था के अन्तर्गत प्रवर्तन की कार्यवाही,ई-चालान द्वारा की गई कार्यवाही ,टोईंग की कार्यवाही,घटित दुर्घटनाओं के कारण,दुर्घटना के बाद उठाये गये कदम एवं भविष्य में दुर्घटना मुक्त यातायात के उपायों पर चर्चा की गई।  पुलिस महानिरिक्षक/निदेशक यातायात उत्तराखण्ड द्वारा निम्न निर्देश दिये गये।

राज्य में दुर्घटना के आकड़ों को i-RAD के माध्यम से फीड किया जा रहा है जिसमें दुर्घटना के समय एवं कारणों का विस्तृत पता चल पा रहा है। समय के अनुसार घटित होने वाले दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु इण्टरसेप्टर एवं हाईवे ट्रैफिक पैट्रोल यूनिट को दुर्घटना घटित होने वाले समय के अनुसार तैनात करेंगे।

इसके साथ ही जनपदों में यातायात व्यवस्था हेतु उपलब्ध करायी गई इण्टरसेप्टर एवं हाईवे ट्रैफिक पैट्रोल यूनिट में में जीपीएस सिस्टम लगवायें जाये साथ ही सभी वाहनों को 112 से लिंक करेंगे ताकि सभी वाहनों को मानिटरिंग की जा सकें।

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जनपदों को हिट एण्ट रन वाहन दुर्घटना योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जारी किये गये है साथ ही पीड़ीतों को 30 दिन बाद तत्काल मुआवजा दावे हेतु सूचित करेंगे।

क्या होती है हिट एण्ड रन वाहन दुर्घटना योजना- सड़क दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज करते समय दुर्घटना  करने वाला वाहन यदि अज्ञात में है तथा सम्बन्धित थाने की पुलिस ने उचित प्रयास करने के उपरान्त भी सड़क दुर्घटना की रिपोर्ट पंजीकृत होने के 01 माह तक दुर्घटना  करने वाले वाहन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त न हो पाना ।

इस स्थिति में सम्बन्धित थानाध्यक्ष/विवेचक द्वारा घायल तथा मृतक व्यक्ति के प्रतिनिधि को लिखित में सूचना दी जायेगी कि वह उक्त योजना के अन्तर्गत दावे हेतु आवेदन कर सकते है तथा सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/ दावा जांच अधिकारी(Claim Enquiry Officer) का फोन नम्बर,ई-मेल आईडी एवं पता दुर्घटना का विवरण, घायल तथा मृतक के प्रतिनिधि को प्रदान की जायेगी।

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पुलिस अधीक्षक द्वारा पीड़ीतों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने हेतु उक्त प्रकरणों को सम्बन्धित जिलाधिकारी को भी प्रेषित करेंगे ।

हिट एण्ड रन वाहन दुर्घटना योजना के अन्तर्गत मुआवजा राशि निम्न प्रकार दी जाती हैः-

(i) वाहन दुर्घटनाओं के हिट एवं रन प्रकरणों में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर 2,00,000/- (रुपये दो लाख रुपये मात्र) प्रदान की जाती है।

(ii) वाहन दुर्घटना के हिट एवं रन प्रकरणों में किसी घायल व्यक्ति को धनराशि रु0 50,00.000 (रुपये पचास हजार मात्र) प्रदान की जाती है।

निदेशक यातायात  जनपदों को अवगत कराया कि इस वर्ष राज्य के सभी जनपदों में ड्रोन सर्विस का प्रयोग यातायात प्रबन्धन एवं प्रवर्तन की कार्यवाही में प्रयोग किया जायेगा तो इसके लिए सभी जनपदों के मुख्य-मुख्य यातायात वाले नगरों की सूची तैयार कर लेंगे ताकि उन स्थानों पर ड्रोन की फ्लाईट से प्रवर्तन की कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही ड्रोन सर्विस के आकड़ों एवं निगरानी हेतु जनपदों में ड्यूटी भी तैनात करेंगे।

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मुख्य सचिव  द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में बिना हेलमेट वाहन का प्रयोग करने वालो के विरुद्व कार्यवाही करेंगे। इसके साथ ही पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट पहनना जरुरी है अगर यदि कोई पिलियन राइडर बिना हेलमेट पाया जाता है तो उक्त के विरुद्व मोटर वाहन अधिनियम 1988 यथा संशोधित मोटरयान(संशोधित) अधिनियम 2019 की धारा 194(D) के अन्तर्गत कार्यवाही करेंगे।

निदेशक यातायात  द्वारा पुणे वाली घटना का सन्दर्भ देते हुए बताया कि हमारे राज्य मे भी नाबालिग द्वारा वाहन चलाने वालों के विरुद्व अभियान चलाकर लगातार कार्यवाही करेंगे।

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