Headlines

Relation:- डायबिटिक और हृदय रोग का आपस में संबंध- डॉ मीनू सिंह

ऋषिकेश – एम्स ऋषिकेश में को कार्डियो – डायबिटिक सोसाइटी के तत्वावधान में पांचवां अधिवेशन प्रारंभ हो गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह व अन्य अतिथियों ने संयु्क्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने डायबिटिक और हृदय रोग का आपस में संबंध बताते हुए इस विषय से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी आम दिक्कतों पर मेडिकल सुपरस्पेशिलिटी को एकजुट होकर व्यापक स्तर पर चिंतन एवं उपचार देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अधिवेशन में कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने इस तरह के सामाजिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्डियो – डायबिटिक सोसाइटी के प्रयासों की सराहना भी की,

ये भी पढ़ें:   World Heart Day:- दिल को स्वस्थ रखने का संकल्प, बदलती जीवनशैली में सावधानी जरूरी- डॉ दीक्षित

कार्यक्रम की गेस्ट ऑफ ओनर संस्थान की डीन एकेडमिक प्रोफेसर (डॉ.) जया चतुर्वेदी ने कार्डियो – डायबिटिक सोसाइटी के वार्षिक अधिवेशन का प्रत्येक वर्ष आयोजन करते रहने के लिए कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष एवं एम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) रविकान्त एवं उनकी टीम को बधाई दी I

इस मौके पर एम्स हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कुमार मित्तल ने मधुमेह में आंखों की जांच और मधुमेह से आंखों में आने वाली जटिलता को पहचानने के महत्व को बताया,

साथ ही ऐसे आम नागरिकों जो कि मधुमेह से ग्रसित हैं उन्हें समय-समय पर अपने नेत्र परीक्षण कराने की अपील भी की।

आयोजन समिति के के अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) रवि कान्त ने डायबिटिक के मरीजों को हृदय रोग को समय से पहचानने को महत्ता पर जोर दिया एवं ऐसे मरीजों को समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहने को प्रेरित किया।

ये भी पढ़ें:   World Heart Day:- दिल को स्वस्थ रखने का संकल्प, बदलती जीवनशैली में सावधानी जरूरी- डॉ दीक्षित

अधिवेशन में आयोजन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. वेंकटेश एस. पाई ने ऑर्थराइटिस (गठिया) रोग पर अपडेट्स एवं इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण, सावधानियां, उपचार एवं रोकथाम के उपाय बताए।

आयोजन सचिव डॉ. मुकेश बैरवा ने अधिवेशन में देशभर से प्रतिभाग करने आए मेडिकल फैकल्टी का धन्यवाद ज्ञापित किया व आयोजन के लिए उनके योगदान की सराहना की,

वार्षिक सम्मेलन के प्रथम दिवस गहन चिकित्सा रोग पर व्याख्यानमाला प्रस्तुत की गई, जिसमें मुख्य वक्ता (केजीएमयू लखनऊ)के डॉ. एस.टी. हिमाशु रेड्डी, (एम्स, पटना)के डॉ. ज्योति प्रकाश, (जिपमर पांडीचेरी)के डॉ. बाला मुर्गेसन आदि ने प्रमुख भूमिका निभाई I

डॉ. वेंकटेश एस. पाई की अध्यक्षता में गठिया रोग एवं उसकी जटिलताएं एवं निदान पर विशेषज्ञों ने चर्चा की, जिसमें मुख्यवक्ता (LHMC DELHI)से डॉ. रमेश अग्रवाल,

ये भी पढ़ें:   World Heart Day:- दिल को स्वस्थ रखने का संकल्प, बदलती जीवनशैली में सावधानी जरूरी- डॉ दीक्षित

मेरठ से डॉ. अंकित जैन, (एसजीपीजीआई लखनऊ)से डॉ. विकास अग्रवाल, (एम्स दिल्ली) से डॉ. सुब्रमन्यम व्यास शामिल रहे।

जबकि डायबिटिक एवं गहन चिकित्सा विषय पर एम्स भटिंडा के डॉ. रोहित रैना, एएफएमएस चंडीगढ़ के डॉ. अर्नब, बैंगलुरु से डॉ. जिथेस, एम्स रायबरेली से डॉ. अनिरूद्ध ने विमर्श किया।

अधिवेशन में आयोजन समिति के मुख्य आयोजक डॉ. साहिल, डॉ. चकाप्पन (SR HMCC), डॉ. बालचंद्र, डॉ. विनय, डॉ. सार्थक, डॉ. राशि, डॉ.अमीषा, डॉ. अनुष्का, डॉ. स्वाति, डॉ. कशिश, डॉ. शौर्य, संदीप उज्ज्वल,आशुतोष शर्मा(ANS)पंकज पुजोत, राजेश सिंह, गोपाल थपलियाल, विनीत जुयाल, कल्पना नेगी ने सहयोग प्रदान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *