तहसीलदार कार्यालय रुड़की में दाखिल-खारिज के कार्य के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में एक पीआरडी कर्मी को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी को रिश्वत की रकम प्राप्त करने तथा साक्ष्य मिटाने के प्रयास के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संदीप कुमार, जो तहसीलदार कार्यालय रुड़की में पेशकार का कार्य देख रहा था,
शिकायतकर्ता की बहन की भूमि के दाखिल-खारिज को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के बदले 4,500 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान द्वारा मामले की जांच की गई।
जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देशन में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
ट्रैप टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए संदीप कुमार पुत्र बीरबल, निवासी थिथोला, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार,
जो वर्तमान में तहसीलदार कार्यालय रुड़की में पीआरडी कर्मी के रूप में कार्यरत था, को गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता विभाग के अनुसार आरोपी ने रिश्वत की धनराशि प्राप्त करने के बाद उसे एक अज्ञात व्यक्ति को देकर मौके से भगा दिया,
जिससे साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके। इस आधार पर आरोपी के विरुद्ध रिश्वत मांगने, रिश्वत लेने तथा साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है तथा रिश्वत की रकम लेकर फरार हुए अज्ञात व्यक्ति की पहचान और तलाश भी की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की अपील
सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है,
तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा अन्य उपलब्ध माध्यमों से दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।