मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई।
उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति के सबसे सख्त, ईमानदार और अनुशासित चेहरों में शामिल रहे,
मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी अब नहीं रहे। सेना की बैठक वर्दी से लेकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का उनका सफर उत्तराखंड ही नहीं, देश की राजनीति में एक मिसाल माना जाता है।
इस छती के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी शोक व्यक्ति किया है ।
उन्होंने कहा कि इस खबर ने पूरे उत्तराखंड ही नहीं राज्य की सीमाओं के बाहर भी जो लोग उनके काम को जानते थे उन सभी के लिए दुखद खबर है ।
राजनीति में रहते हुए विभिन्न पदों की उन्होंने शोभा बढ़ाई और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी भूमिका बेहद प्रशंसा योग्य रही ।
गोदियाल ने वो दिन याद किए जब बीसी खंडूरी सड़क परिवहन मंत्री थे और गोदियाल ने उन्हें NH का प्रस्ताव दिया ओर बीसी खंडूरी ने राजनीति से उठकर सकारात्मक काम किया ।
उन्होंने कहा कि परमेश्वर उन्हें श्री चरणों में स्थान दे ओर परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे।