बांग्लादेश -बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें हिंसा हुई है और कई लोगों की मौत हो गई है।
प्रदर्शनकारी मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 30 फीसदी नौकरियां 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बच्चों और पौत्र-पौत्रियों के लिए और प्रशासनिक जिलों के लिए 10 प्रतिशत, महिलाओं के लिए 10 प्रतिशत, जातीय अल्पसंख्यक समूहों के लिए पांच प्रतिशत और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के लिए एक प्रतिशत नौकरियां आरक्षित हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे सोमवार को ढाका और उसके बाहरी इलाकों में दो सरकारी विश्वविद्यालयों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन पर सत्तारूढ़ पार्टी के छात्र कार्यकर्ताओं ने लाठी, पत्थर व चाकू आदि से हमला कर दिया इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए।
सरकार ने बढ़ती हिंसा के मद्देनजर अगले आदेश तक स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी हाई स्कूल, कॉलेज, मदरसे और ‘पॉलिटेक्निक’ संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे”
इस बीच, सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की पेशकश की है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि वे तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है।
इस बीच वायु सेवा के विशेष विमान से बांग्लादेश की निष्कासित प्रधानमंत्री शेख हसीना गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंची है वहां से वह लंदन जाने की कोशिश करेंगे, बांग्लादेश की निष्कासित प्रधानमंत्री शेख हसीना गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंचने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बांग्लादेश की निष्कासित प्रधानमंत्री हसीना से मुलाक़ात हैं।
बांग्लादेश में अस्थिरता के बीच लाखों प्रदर्शन ने सरकारी भवन, सरकारी टेलीविजन चैनल की इमारत और वाहनों में आग लगा दी है वहीं प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के निवास पर भी कब्जा कर लिया था।
प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश आर्मी को कार्यकारी सरकार के रूप में काम करने के लिए सौंप दिया है, सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में जनता से जल्द ही चुनाव करने की बात कही है और जनता को शांति बनाए रखने की अपील की है।
