थारू जनजाति समाज की लोकगायिका रिंकू राणा की सड़क हादसे में मौत हो गई।
वो अपने मायके नानकमत्ता के बिचपुरी से होली मना कर अपनी भतीजी के साथ स्कूटी से लौट रही थी।
कि तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गई, जहां उपचार के दौरान रिंकू ने दम तोड़ दिया।
रिंकू राणा की सड़क हादसे में मौत होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा के असामयिक निधन होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक सन्देश में कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
लोकगायिका रिंकू राणा ने अपने गीतों के माध्यम से थारू समाज की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।