बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ (Arnab) तटीय आंध्र प्रदेश से टकराने के बाद कमजोर पड़ने लगा है।
हालांकि, इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा सहित कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
आंध्र प्रदेश में जनजीवन प्रभावित
तूफान ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तटवर्ती इलाकों को प्रभावित किया।
तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने,
मकानों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आईं।
तूफान से पहले आंध्र प्रदेश और ओडिशा में एक लाख 80 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।
तूफान कमजोर, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तट से टकराने के बाद अर्णव तूफान कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है।
इसके और कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, तूफान के अवशेषों के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदलेगा
तूफान के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है।
कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
मछुआरों को भी समुद्र में जाने से संबंधित आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
अर्णव तूफान का असर लगभग 20 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में मौसम के रूप में देखने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, सभी जगह तूफान का सीधा प्रभाव नहीं है; कई क्षेत्रों में इसके कारण बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र:
आंध्र प्रदेश और ओडिशा।
भारी बारिश का अलर्ट: बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा।
अन्च प्रभावित क्षेत्र: अन्य प्रभावित क्षेत्र: पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अंडमान-निकोबार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड सहित कई इलाके।
पंचूर वार्ता की अपील: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। अपने क्षेत्र के लिए जारी ताजा मौसम चेतावनी और प्रशासनिक निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।