Headlines

Question:- कांग्रेस चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष माहरा ने यूआईआईडीबी, जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट और भूमि आवंटन मामलों पर उठाए सवाल

देहरादून 12 सितम्बर 2026।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चार्जशीट कमेटी ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार पर सरकारी भूमि और संसाधनों के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

पत्रकार वार्ता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा,

चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत, डॉ. प्रेम बहुखंडी और डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रदेश की बेशकीमती सरकारी भूमि को भूमाफियाओं और चुनिंदा लोगों के हित में उपयोग किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव बेचकर जनता के हितों की अनदेखी की है।

चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से लगभग 7,000 बीघा सरकारी भूमि निजी निवेशकों को 90 वर्ष की लीज पर देने की नीति पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि एक ओर आम नागरिकों के लिए भूमि खरीद की सीमा 250 वर्गमीटर निर्धारित की गई है, वहीं दूसरी ओर बड़े कॉरपोरेट घरानों को हजारों बीघा भूमि दी जा रही है।

माहरा ने आरोप लगाया कि उद्यान विभाग, पोटैटो प्रोजेक्ट, ब्रीडिंग गार्डन और अन्य विभागों की भूमि को लैंड बैंक में शामिल कर फाइव स्टार होटल,

लग्जरी रिसॉर्ट, विला, कमर्शियल टाउनशिप, वेलनेस सेंटर और निजी स्कूल जैसी परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक उपयोग के बावजूद लीज रेंट कृषि भूमि के सर्किल रेट के आधार पर तय किए जाने से सरकारी खजाने को भारी राजस्व नुकसान हो सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीति की शर्तें बड़े कॉर्पोरेट समूहों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।

कांग्रेस ने आशंका जताई कि दीर्घकालीन लीज भविष्य में फ्रीहोल्ड स्वामित्व का रास्ता बन सकती है, जिससे सरकारी भूमि स्थायी रूप से निजी हाथों में चली जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार ने जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूआईआईडीबी का गठन राज्य की बहुमूल्य भूमि को कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की मंशा से किया गया है।

यशपाल आर्य ने जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट के संचालन और प्रबंधन को लेकर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि एशियाई विकास बैंक के ऋण से विकसित लगभग 142 एकड़ क्षेत्र को एक निजी ऑपरेटर को 15 वर्षों के लिए सौंप दिया गया।

कांग्रेस ने इस प्रक्रिया की आर्थिक व्यवहार्यता, टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और सार्वजनिक हितों के संरक्षण पर सवाल उठाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर टोल वसूली के मामले में हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।

चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने एक बड़े अस्पताल परियोजना के लिए चिन्हित लगभग 23,137 वर्गमीटर भूमि का आवंटन स्वास्थ्य विभाग को विश्वास में लिए बिना निरस्त किए जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में संबंधित विभाग को जानकारी न देना प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

रावत ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण से जुड़ी कुछ कंपनियों की पृष्ठभूमि संदिग्ध है और उनके बीच कॉर्पोरेट गठजोड़ के संकेत मिलते हैं।

उन्होंने दावा किया कि कुछ कंपनियों के निदेशक एक ही प्रबंधन तंत्र से जुड़े हुए हैं तथा संबंधित कंपनियों पर अन्य राज्यों में वित्तीय अनियमितताओं और देनदारियों के मामले भी दर्ज हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी रूप से अयोग्य होने के बावजूद एक कंपनी को भूमि का अनंतिम आवंटन दिया गया, जो टेंडर प्रक्रिया और समानता के सिद्धांतों के विपरीत है।

कांग्रेस नेताओं ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा भूमि आवंटन और निवेश संबंधी नीतियों को सार्वजनिक करने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और अमरजीत सिंह भी मौजूद अमरेंद्र बिष्ट रहे।

ये भी पढ़ें:   Resign:-पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा, पार्टी के संघर्ष को कमजोर नहीं होने दूंगा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *