देहरादून में बैंककर्मी पर जानलेवा फायरिंग मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ़्तार कर लिया है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार कॉम्बिंग अभियान चला रही है।
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर 2026 को बड़ोवाला क्षेत्र में उज्जीवन बैंक के कर्मचारी सत्यम कुमार पर बाइक सवार दो बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी।
गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सीसीटीवी और सर्विलांस से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कई पुलिस टीमें गठित की गईं।
टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में शामिल दोनों आरोपी फिर से देहरादून पहुंचे हैं।
सूचना पर पटेलनगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस को देखते ही भागे बदमाश, फिर हुई मुठभेड़
गुरुवार को गोरखपुर चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस को देखते ही दोनों युवक बाइक लेकर प्रेमनगर रोड की ओर भाग निकले।
पीछा करने पर वे चाय बागान क्षेत्र की पगडंडी में मोटरसाइकिल छोड़कर जंगल की ओर भाग गए।
पुलिस के अनुसार पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया,
जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल आरोपी की पहचान
मुठभेड़ में घायल आरोपी की पहचान अंकित चौहान (25 वर्ष) निवासी केशव नगर, लक्सर, हरिद्वार के रूप में हुई है।
वहीं उसका साथी अंकुर, निवासी लक्सर, हरिद्वार, मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंकित चौहान का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जेल जा चुका है।
उसने बताया कि उसकी पहचान हरिद्वार निवासी मोहित नामक व्यक्ति के माध्यम से मालिया रहमान नाम की महिला से हुई थी, जो एक निजी बैंक में कार्यरत है।
आरोपी के मुताबिक मालिया रहमान की वर्ष 2020 में उज्जीवन बैंक में नौकरी के दौरान सत्यम कुमार से पहचान हुई थी।
बाद में दोनों के बीच संबंध खराब हो गए। आरोप है कि मालिया और उसके सहयोगी मोहित ने सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए अंकित को ₹5 लाख की सुपारी देने का प्रस्ताव दिया।
एडवांस में दिए गए थे ₹1.20 लाख
अंकित ने पुलिस को बताया कि उसे एडवांस के तौर पर ₹1.20 लाख दिए गए थे और बाकी रकम हत्या के बाद देने की बात तय हुई थी।
मालिया ने ही उसे सत्यम की फोटो और बैंक की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
योजना के तहत 8 सितंबर को अंकित और उसका साथी अंकुर देहरादून पहुंचे।
दोनों ने बैंक के बाहर सत्यम की रेकी की और उसके बैंक से निकलने के बाद पीछा करते हुए,
शिमला बायपास रोड के बड़ोवाला क्षेत्र में उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बावजूद सत्यम किसी तरह झाड़ियों की ओर भाग गया, जिससे उसकी जान बच गई।
रकम लेने दोबारा देहरादून आए थे आरोपी
पुलिस के अनुसार घटना के बाद दोनों आरोपी दिल्ली और हरियाणा भाग गए थे।
गुरुवार को वे कथित तौर पर बची हुई रकम लेने के लिए दोबारा देहरादून आए थे,
लेकिन पुलिस चेकिंग में फंस गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस फरार आरोपी अंकुर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
साथ ही कथित सुपारी कांड में नाम सामने आने वाले लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बरामदगी –
315 बोर का एक देसी तमंचा,एक जिंदा कारतूस,दो खोखा कारतूस,बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल।