उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में लाखों रुपये के गबन के मामले में दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
बैंक के दैनिक जमा अभिकर्ता (डेली डिपॉजिट एजेंट) के रूप में कार्य कर रहे एक युवक को पुलिस ने करीब साढ़े 12 लाख रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पर खाताधारकों से जमा की गई रकम बैंक में जमा न कर उसे हड़पने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 24 मई 2026 को उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के सचिव एवं महाप्रबंधक एस.एस. राणा ने कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि बैंक में दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्यरत दीपक बढ़ई विभिन्न खाताधारकों से बैंक में जमा कराने के लिए नकदी प्राप्त करता था,
लेकिन उसने कई अवसरों पर प्राप्त धनराशि बैंक खाते में जमा नहीं की।
बैंक की आंतरिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुल 12 लाख 31 हजार 458 रुपये की राशि का गबन किया है।
शिकायत के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0सं0-212/2026 के तहत धारा 316(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने जांच टीम को त्वरित साक्ष्य संकलन और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी दीपक बढ़ई (29 वर्ष) पुत्र उमेश बढ़ई निवासी गोपेश्वर मंदिर मार्ग, गली नंबर-11/7, चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश को 9 सितंबर 2026 को उदय बाग, विकासनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में किया जाएगा पेश
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में गबन की गई धनराशि और अन्य पहलुओं को लेकर आगे की जांच जारी है।
बैंक ग्राहकों का टूटा भरोसा
घटना के सामने आने के बाद बैंक ग्राहकों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच की जा रही है,
ताकि यह पता लगाया जा सके कि गबन की राशि का उपयोग कहां किया गया और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
गिरफ्तार आरोपी:
दीपक बढ़ई, पुत्र उमेश बढ़ई, निवासी गोपेश्वर मंदिर मार्ग, गली नंबर-11/7, चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश, जनपद देहरादून, उम्र 29 वर्ष।