उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शुक्रवार को शहरी विकास विभाग,
जलागम प्रबंधन विभाग और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में जनहित से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि,
विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
शहरी विकास विभाग को दिए महत्वपूर्ण निर्देश-
मंत्री कैड़ा ने शहरी विकास विभाग के अधिकारियों को शहरों में पेयजल वितरण व्यवस्था, सीवरेज लाइन,
स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय समयावधि में पूरा किया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जल संरक्षण योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर-
जलागम प्रबंधन विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन (री-जुवेनेशन) के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने पर बल दिया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान तेज करने के निर्देश-
पर्यावरण विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री कैड़ा ने कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने पौधरोपण कार्यक्रमों और प्लास्टिक उन्मूलन अभियानों को गति देने के निर्देश दिए।
साथ ही प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
नियमित प्रगति रिपोर्ट और जवाबदेही तय होगी-
बैठक में मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बजट का शत-प्रतिशत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए कार्य कर रही है तथा सभी विभागों को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देने होंगे।
बैठक में शहरी विकास, जलागम प्रबंधन और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।