उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस का पंचायत चुनाव और कानून व्यवस्था को लेकर नियम 310 पर चर्चा करने कि मांग। कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर कार्यसूची फाड़कर फेंकी, सचिव की मेज पलटने का प्रयास किया।
नियम 310 में चर्चा स्वीकार न होने पर वेल में धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सदन के भीतर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन के भीतर पार्टी का कथित हिंसक और अराजक रवैया न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन दर्शाता है,
वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि विपक्ष जनता के हितों के लिए सदन में किसी भी हद तक जा सकती है।
यह व्यवहार 2025 के पंचायत चुनावों की उस अराजकता की याद दिलाता है, जिसकी शुरुआत बीजेपी ने की थी और जो आज भी उनके आचरण में स्पष्ट झलकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी नाराज हो गईं उन्होंने विपक्षी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि यह राज्य की संपति है।
और आप राज्यवासियों के वोट से ही यहां पहुंचे हैं, राज्य के लोगों की संपति मत तोड़िए।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूडी के अनुसार यह लोकतंत्र का अपमान है कांग्रेस विधायकों ने जनता के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा और अराजकता को बढ़ावा दिया।
सदन में नारेबाजी, अनुशासनहीन व्यवहार और हिंसक रवैये ने न केवल कार्यवाही को बाधित किया, बल्कि उत्तराखंड की जनता के सामने विपक्ष की असली मंशा को उजागर कर दिया।
यह वही गैरसैंण है, जहां आपदा से जूझ रही जनता की समस्याओं पर चर्चा के लिए सरकार गंभीरता से प्रयासरत है,
लेकिन कांग्रेस का ध्यान व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों तक सीमित रहा।
उत्तराखंड सरकार गैरसैंण में आपदा से प्रभावित जनता के लिए राहत और पुनर्वास के मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है।
आपदा प्रबंधन, पुनर्वास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा के लिए यह सत्र अहम माना जा रहा था। सरकार ने जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए।
कई प्रस्ताव और योजनाएं पेश की, लेकिन विपक्ष ने इन मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा के बजाय हंगामे को चुना। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस को जन सरोकारों से कोई लेना-देना नहीं है।
शून्यकाल के तहत सदन की कारवाई शुरू हो गई है। भाजपा विधायक नियम 300 की सूचना पढ़ रहे थे। कांग्रेस विधायकों का वेल में हंगामा जारी है।
कांग्रेसी नेताओं ने सदन कार्यवाही फिर शुरू होने के बाद हंगामा जारी रखा।
नारेबाजी के बीच स्पीकर ऋतु खंडूडी की विपक्षी नेताओं से बहस हो गई।
स्पीकर ने विपक्ष से कहा कि वे अपने मुद्दे प्रश्नकाल में उठाएं, लेकिन विपक्ष ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।
हंगामा होते देख विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूडी ने सदन की कार्यवाही को 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सदन के भीतर धरना पर बैठे हैं।
वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से फोन पर बातचीत करते हुए।
उन्हें धरना समाप्त कर विधायक हॉस्टल जाने का अनुरोध किया लेकिन कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष सदन के अंदर ही धरने पर बैठे हुए हैं।
वहीं उपनेता सदन भुवन कापडी ने सदन के अंदर का वीडियो बनाकर अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है।
और दिखाया है कि जो यह लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस विधायकों ने सदन के अंदर तोड़फोड़ की है।
जबकि सभी कुछ यथावत अपनी जगह पर मौजूद है और सही सलामत है।