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Discussion:- देहरादून में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नॉर्दर्न रीजन मिनिस्टर्स बैठक में एविएशन क्षेत्र में सुधार और विस्तारीकरण पर चर्चा 

देहरादून,4/जुलाई /2025।

   उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा आयोजित नॉर्दर्न रीजन मिनिस्टर्स सम्मेलन में उत्तरी क्षेत्र के आठ राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एविएशन क्षेत्र में हो रहे बदलावों और हवाई यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में विशेष रूप से हिमालयी राज्यों में हेलीपोर्ट और एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें मंत्रालय को कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।हेलीपोर्ट और एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर जोर

बैठक में हिमालयी राज्यों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए हेलीपोर्ट और एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

मंत्रालय ने घोषणा की कि इन सुझावों के आधार पर प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सिविल एविएशन की योजनाओं को लागू किया जा सके।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि यह बैठक राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सिविल एविएशन सेवाओं का विस्तार होगा, जिसका सीधा लाभ हवाई यात्रियों को मिलेगा।केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता: बेहतर हवाई सेवाएं

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बैठक के बाद कहा कि यह पहली बार है जब राज्यों के साथ इतने बड़े स्तर पर सिविल एविएशन के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविल एविएशन नेटवर्क बन चुका है। इस नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय जरूरी है।

नायडू ने जोर देकर कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए मंत्रालय प्रतिबद्ध है।उत्तराखंड के लिए विशेष योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस बैठक से उत्तराखंड में हवाई सेवाओं के विस्तार को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और रात्रिकालीन उड़ानों के संचालन को मध्यरात्रि तक बढ़ाने की मांग को दोहराया।

साथ ही, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए पहले ही 524.78 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हस्तांतरित की जा चुकी है,

जिसके लिए उन्होंने त्वरित कार्यवाही का अनुरोध किया। धामी ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए देहरादून, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ स्टॉल खोलने का सुझाव भी दिया।

आगे की रणनीति

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बैठक को क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मंत्रालय अब राज्यों के साथ व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम करेगा।

इसके तहत उड़ान (UDAN) योजना के तहत छोटे हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट्स के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि हिमालयी क्षेत्रों में हवाई यात्रा को और सुलभ बनाया जा सके।

यात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान

बैठक में हवाई यात्रियों की सुविधाओं पर भी गहन चर्चा हुई। हाल ही में मंत्रालय ने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ शुरू करने की घोषणा।

इस पायलट प्रोजेक्ट को भविष्य में अन्य हवाई अड्डों पर भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, उड़ानों में देरी और भीड़-भाड़ के दौरान यात्रियों को भोजन, पानी और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

देहरादून में आयोजित यह सम्मेलन नॉर्दर्न रीजन के राज्यों में सिविल एविएशन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच इस समन्वय से न केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी,

बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों में हेलीपोर्ट और एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी।

 

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