मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर थराली में आई आपदा के उपरांत संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन तथा जिलाधिकारी संदीप तिवारी से दिनभर संचालित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी सरकार आपदा की इस घड़ी में थराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि सभी राहत और बचाव दलों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वे लगातार रेस्क्यू अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने थराली तथा अन्य स्थानों में जिन लोगों के भवन पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं,
उन्हें पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही मृतकों के परिजनों को भी पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता जल्द प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
घायलों को भी आपदा के मानकों के अंतर्गत अनुमन्य सहायता जल्द प्रदान किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
भविष्य में ऐसी आपदाओं से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की ऐसी सभी नदियों में ड्रेजिंग/चैनेलाइजेशन कार्य करने के निर्देश दिए हैं,
जिनके किनारे कस्बे, बस्तियां, नगर व शहर बसे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भी नदियों का जलस्तर ड्रेजिंग न होने की वजह से प्रभावित हुआ है,
वहां आपदा के मानकों के तहत ड्रेजिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए सभी जनपदों से जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में ठहराए गए लोगों के लिए अच्छे भोजन, जलपान, बच्चों के लिए दूध, दवाइयां, ओढ़ने व बिछाने के लिए पर्याप्त मात्रा में बिस्तर, शौचालय इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि थराली, धराली, पौड़ी, स्यानाचट्टी के साथ ही राज्य के अन्य जनपदों में जहां भी आपदा से क्षति हुई है,
उसका आकलन कर 25 अगस्त तक अनिवार्य रूप से शासन को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाए।
इसके बाद प्राप्त होने वाले प्रस्तावों में विचार किया जाना संभव नहीं होगा। साथ ही उन्होंने आने वाले दो दिनों के लिए मौमस विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए।
सभी जिलाधिकारियों को एलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों के संसाधनों को मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि शनिवार सुबह मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर थराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए।
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी से अपडेट लिया, उन्होंने आपदा के बाद जल्द से जल्द थराली में स्थिति को सामान्य करने,
राहत और बचाव कार्यों को त्वरित गति से संपादित करने, स्थानीय लोगों तक मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।
जो भी संसाधनों की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल घटनास्थल में तैनात किया जाए।
साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी से राहत एवं बचाव कार्यों हेतु शासन स्तर पर किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए तुरंत अवगत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव गृह शैलेश बगौली,
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेशन, अपर सचिव व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप,
आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी,
डीआईजी धीरेंद्र गुंज्याल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्ला अंसारी, डॉ विमलेश जोशी आदि मौजूद रहे।