उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के समीप कंचन गंगा क्षेत्र में शुक्रवार को ग्लेशियर टूटने की घटना सामने आई है।
राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
क्या हुआ था?
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के पास कुबेर पर्वत से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर कंचन गंगा नाले में गिर गया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से नीचे खिसकता दिख रहा है।
उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने पुष्टि की कि ग्लेशियर के साथ कुछ चट्टानें भी खिसकी हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गर्मी बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने की घटनाएं आम हैं।
हर वर्ष इसी सीजन में ऊपरी इलाकों में छोटे हिमखंड टूटकर गिरते रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बद्रीनाथ के ऊपरी क्षेत्रों में हाल में हुई भारी बर्फबारी और अब तेज धूप के कारण ग्लेशियर की ऊपरी परतें पिघल रही हैं, जिससे यह हिमस्खलन हुआ।
प्रशासन अलर्ट पर
घटना के बाद आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि ऊंचाई वाले स्थानों पर ही ग्लेशियर गिरा है।
और निचले इलाकों में कोई खतरा नहीं है। पुलिस ने भी इसे सामान्य हिमस्खलन बताया है।
उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। साल 2021 में चमोली के रैणी में ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा में बाढ़ आई थी।
जिसमें 206 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस बार की घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
कंचन गंगा नाले में पानी का बहाव कुछ समय के लिए बढ़ा था, लेकिन अब स्थिति सामान्य है।
मुख्य बिंदु:
• स्थान: बद्रीनाथ धाम के पास कुबेर पर्वत, कंचन गंगा नाला, चमोली • नुकसान: कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं।
• कारण: गर्मी बढ़ने से ग्लेशियर पिघलना, हर साल की सामान्य घटना • प्रशासन: अलर्ट पर, स्थिति नियंत्रण में ।