उत्तराखंड के मूल निवासियों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना,
प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ ही हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन रही है।
योजना के तहत जून 2026 तक प्रदेश में 210 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
इन परियोजनाओं से 3500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेश में 250 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य दिया है।
सरकार का जोर स्थानीय लोगों को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर है।
योजना के विस्तार की तैयारी-
ऊर्जा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का फेज-2 बेहद सफल रहा है।
योजना को लेकर लोगों में लगातार रुचि बढ़ रही है और जनता की ओर से इसके विस्तार की मांग भी की जा रही है।
इसी को देखते हुए योजना के विस्तार का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि वित्त विभाग वर्तमान में प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है। अध्ययन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के विस्तार का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद योजना के अगले चरण को लागू किया जाएगा।
अगले चरण में 100 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता का लक्ष्य-
ऊर्जा सचिव के अनुसार योजना के अगले चरण में अतिरिक्त 100 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा जाएगा।
इसके लिए जिलावार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के सभी जिलों में लोगों को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का लाभ समान रूप से मिल सके।
सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं और उद्यमियों की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
साथ ही इससे प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम करने में मदद मिलेगी।
210 मेगावाट क्षमता स्थापित होने और 3500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने के बाद अब सरकार योजना को अगले चरण में और विस्तार देने की तैयारी में है।
यदि प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो अतिरिक्त 100 मेगावाट क्षमता के लक्ष्य के साथ प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित स्वरोजगार के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है।