शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी और सुबह करीब 10:15 बजे के बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी।
पितृ पक्ष के दौरान आने वाली सप्तमी तिथि पर उन दिवंगत परिजनों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनका निधन सप्तमी तिथि को हुआ था।
पंचांग गणना के अनुसार आज मृगशीर्ष नक्षत्र के बाद आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और चंद्रमा दिन में वृषभ से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
आज का पंचांग
– दिन: शुक्रवार, तारीख: 2 अक्टूबर 2026, मास: आश्विन, पक्ष: कृष्ण पक्ष,तिथि: षष्ठी, इसके बाद सप्तमी,
– सप्तमी तिथि प्रारंभ: लगभग सुबह 10:15 बजे के बाद।
– नक्षत्र: मृगशीर्ष, इसके बाद आर्द्रा, चंद्र राशि: वृषभ से मिथुन,सूर्य राशि: कन्या।
– विक्रम संवत: 2083, शक संवत: 1948।
– पर्व/अवसर: गांधी जयंती, पितृ पक्ष सप्तमी श्राद्ध।
– राहुकाल: लगभग सुबह 10:18 से 11:47 बजे तक।
– अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:24 बजे से 12:10 बजे तक।
अलग-अलग स्थानों और पंचांग पद्धतियों के कारण राहुकाल तथा अभिजीत मुहूर्त के समय में थोड़ा अंतर मिल सकता है।
स्थानीय सूर्योदय को आधार बनाकर मुहूर्त देखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
पितृ पक्ष की सप्तमी का विशेष महत्व
पितृ पक्ष में सप्तमी तिथि का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता के अनुसार जिन पूर्वजों का निधन सप्तमी तिथि को हुआ हो, उनके निमित्त इस दिन श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराया जाता है।
श्राद्ध कर्म में श्रद्धा और शुद्ध भावना को विशेष महत्व दिया जाता है।
परिवार के लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित कर सकते हैं।
जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र अथवा अन्य उपयोगी सामग्री का दान भी किया जाता है।
पितृ कर्म करते समय स्थानीय परंपरा और परिवार की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधि अपनाना उचित रहता है।
शुक्रवार का धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और देवी उपासना से जुड़ा माना जाता है।
इस दिन घर की साफ-सफाई, दीप प्रज्ज्वलन और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है।
हालांकि पितृ पक्ष में प्राथमिकता पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म को दी जाती है।
आज का शुभ मुहूर्त,अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:24 बजे से 12:10 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना जाता है। वहीं राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करने की परंपरा है।
-आज का राशिफल
मेष राशि :- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा।
कारोबार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है।
खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
उपाय: माता लक्ष्मी का स्मरण करें और जरूरतमंद को भोजन कराएं।
वृषभ राशि :- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है।
नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा।
पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा। अनावश्यक बहस से बचना बेहतर होगा।
उपाय: पितरों का स्मरण कर जल अर्पित करें।
मिथुन राशि :- मिथुन राशि के जातकों के लिए संपर्क और संवाद महत्वपूर्ण रहेंगे। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है।
व्यापार में साझेदारी से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। नौकरी करने वालों को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अचानक खर्च सामने आ सकते हैं।
उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।
कर्क राशि :- कर्क राशि वालों के लिए पारिवारिक मामलों में दिन महत्वपूर्ण रह सकता है। घर के किसी बुजुर्ग की सलाह उपयोगी साबित होगी।
कार्यक्षेत्र में धैर्य के साथ काम करें। किसी पुराने मित्र से बातचीत मन प्रसन्न कर सकती है। धन संबंधी मामलों में जल्दबाजी से बचें।
उपाय: पितरों के नाम से अन्न का दान करें।
सिंह राशि :- सिंह राशि वालों को आज अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के लिए नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं।
अधिकारियों अथवा वरिष्ठ लोगों का सहयोग मिल सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।
उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और पितरों का स्मरण करें।
कन्या राशि :- कन्या राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में दिन महत्वपूर्ण हो सकता है। रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना बन सकती है।
नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिल सकता है। किसी साझेदारी या बड़े आर्थिक निर्णय में दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
तुला राशि :- तुला राशि वालों के लिए शुक्रवार का दिन सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से अच्छा रह सकता है। आपकी वाणी और व्यवहार से लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्यापार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।
उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें और घर में दीपक जलाएं।
वृश्चिक राशि :- वृश्चिक राशि वालों को आज अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए। अचानक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार में किसी पुराने मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। शांत रहकर निर्णय लेने से स्थिति बेहतर रहेगी।
उपाय: पितरों का स्मरण कर तर्पण करें।
धनु राशि :- धनु राशि वालों के लिए नए संपर्क और नई योजनाएं महत्वपूर्ण रह सकती हैं। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं।
नौकरी में बदलाव या अतिरिक्त जिम्मेदारी पर विचार हो सकता है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। परिवार में सहयोग का वातावरण बना रहेगा।
उपाय: जरूरतमंद को अन्न अथवा फल का दान करें।
मकर राशि :- मकर राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में प्रगति के अवसर बन सकते हैं। व्यापारियों को नई डील या ग्राहक से लाभ मिल सकता है।
पुराने संपर्क काम आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बनाए रखें।
उपाय: पितरों का स्मरण करें और किसी बुजुर्ग का आशीर्वाद लें।
कुंभ राशि :- कुंभ राशि वालों के लिए दिन संतुलित रहेगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।
कारोबार में पुरानी समस्या का समाधान निकल सकता है। परिवार से जुड़ा कोई निर्णय लेते समय सभी की राय सुनें। खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र या भोजन दान करें।
मीन राशि :- मीन राशि के जातकों के लिए दिन रचनात्मक और सकारात्मक रह सकता है। शिक्षा, लेखन और कला से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। प्रेम और पारिवारिक संबंधों में मधुरता बनी रह सकती है। किसी पुराने काम को पूरा करने से संतोष मिलेगा।
उपाय: पितरों का स्मरण कर जल अर्पित करें और गरीब को भोजन कराएं।
-आज का विशेष संदेश
2 अक्टूबर को एक ओर गांधी जयंती का राष्ट्रीय महत्व है, वहीं दूसरी ओर पितृ पक्ष की सप्तमी तिथि होने के कारण धार्मिक रूप से भी दिन महत्वपूर्ण है।
ऐसे में सेवा, संयम, पूर्वजों का स्मरण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य दिन को सार्थक बना सकते हैं। पितृ पक्ष के कर्मकांड में स्थानीय परंपरा और विद्वान आचार्य की सलाह के अनुसार विधि अपनाना उचित रहेगा।
नोट: पंचांग और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।
ऊपर दिए गए समय उत्तर भारत के संदर्भ में हैं। राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।