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One Click :- मुख्यमंत्री धामी ने डीबीटी से भेजी हज़ारों श्रमिकों को18.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि

देहरादून, 19 सितंबर 2026।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत,

10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में एक क्लिक के माध्यम से 18 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए हस्तांतरित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला हैं,

और सरकार उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल,

पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे,

और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक भी किसी प्रकार से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी गंभीर बीमारी की पहचान हुई है,

उनके समुचित उपचार की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सुनिश्चित की जाए।

त्योहारी सीजन में बढ़े जनसेवा के प्रयास

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य सुनिश्चित करें।

उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य तथा कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, पात्रता सत्यापन और जनपदवार निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा।

शिक्षा सहायता के 8 हजार से अधिक लाभार्थी

कार्यक्रम में बताया गया कि डीबीटी के तहत प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177,

पुत्री विवाह सहायता के 2,354 तथा शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की गई।

इस प्रकार कुल 10,709 श्रमिक परिवारों को लाभ पहुंचाया गया।

83 हजार से अधिक किट वितरित

उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित समेकित कल्याण मॉडल की जानकारी देते हुए,

बताया गया कि अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट तथा 23,216 पोषाहार किट वितरित की जा चुकी हैं।

कुल मिलाकर 83,319 किट श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई गई हैं।

 इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जा चुके हैं।

LCCMS को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

बैठक में लेबर सेस कलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (श्रम उपकर संग्रह प्रबंधन प्रणाली – LCCMS) की प्रगति की भी जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया था।

भारत सरकार ने भी इसे “बेस्ट प्रैक्टिसेज कम्पेंडियम” में शामिल किया है।

इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है तथा सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इसे देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया श्रमिक स्वास्थ्य मॉडल

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हुई है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में उत्तराखण्ड के इस मॉडल की विशेष सराहना की गई।

पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि दिखाई है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच,

चिकित्सकीय परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को विस्तार योग्य और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत,

उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी,

सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग एवं बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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