उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2026 में पुरुषों के वर्ग का दूसरा मुकाबला बेहद ही रोमांचक रहा, जहां पिथौरागढ़ हरिकेन्स ने टिहरी टाइटंस को 4 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में शानदार जीत दर्ज की।
देहरादून के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में पहले बैटिंग करते हुए,
टिहरी टाइटंस ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 184 रनों का मजबूत स्कोर बनाया।
टिहरी की तरफ से आयुष ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 19 गेंदों पर 5 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 46 रन ठोके,
जबकि आर्यन शर्मा ने 15 गेंदों पर नाबाद 37 रन और सागर ओझा ने 28 रनों का योगदान दिया।
पिथौरागढ़ की ओर से सत्यम बालियान ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 23 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए।
185 रनों के बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी पिथौरागढ़ हरिकेन्स की शुरुआत काफी खराब रही,
और महज 29 रन के स्कोर पर उसके 3 टॉप ऑर्डर बल्लेबाज पवेलियन लौट गए।
इसके बाद विपिन कसाना ने मोर्चा संभाला और 26 गेंदों में 6 चौकों और 3 छक्कों के दम पर 50 रनों की आक्रामक हाफ सेंचुरी जमाकर टीम को संभाला।
कप्तान विकास भाटी ने भी एक छोर संभाले रखा और 45 गेंदों में 43 रन बनाए,
लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से 129 रन तक आते-आते पिथौरागढ़ के 6 विकेट गिर चुके थे और टीम भारी दबाव में आ गई थी।
ऐसे नाजुक मौके पर मैदान पर आए ऑलराउंडर मयंक मिश्रा ने मैच का पासा ही पलट दिया।
मयंक ने क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया और महज 18 गेंदों में 4 छक्कों और 3 चौकों की बदौलत 233.33 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 42 रनों की तूफानी पारी खेल डाली।
मयंक की इस आतिशी पारी की बदौलत पिथौरागढ़ हरिकेन्स ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 188 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद दबाव में खेली गई इस मैच जिताऊ पारी पर बात करते हुए मयंक मिश्रा ने कहा, “जब मैं बैटिंग करने गया,
तो मेरे दिमाग में बस एक ही बात चल रही थी कि मेरे साथ खेल रहे कप्तान विकास भाटी को टेनिस एल्बो की इंजरी थी,
और वो हाथ के दर्द की वजह से बड़े शॉट्स नहीं मार पा रहे थे।
हमारे पीछे कोई और मुख्य बल्लेबाज भी नहीं बचा था, इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे ही जिम्मेदारी लेनी होगी।
मैंने भाटी से साफ कहा कि ‘अब सब मेरे बल्ले पर आ रहा है, आप बस मुझे सिंगल देकर स्ट्राइक दो, बाकी मैं देख लूंगा।’
जैसे ही मैंने बाउंड्री मारना शुरू किया, मैच का मोमेंटम हमारी तरफ आ गया और विरोधी गेंदबाज दबाव में आ गए।”
बल्लेबाजी के अलावा मयंक मिश्रा ने गेंदबाजी में भी बेहद किफायती स्पेल डाला।
उन्होंने अपने 4 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए महज 18 रन दिए, जिससे टिहरी टाइटंस के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा रहा।
अपनी इकोनॉमिकल बॉलिंग पर मयंक ने कहा, “मैं अपनी बॉलिंग से बहुत खुश हूं।
भले ही मुझे विकेट नहीं मिला, लेकिन ऐसे हाई-स्कोरिंग मैच में रनों पर लगाम लगाना और सिर्फ 18 रन देना बहुत जरूरी था।
मेरा पूरा ध्यान सही जगह गेंदबाजी करने और टीम की जीत में योगदान देने पर था।