सहस्त्रधारा रोड़ स्थित नाला पानी चौक के पास एक महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवती को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि डेयरी व्यवसाय में हुए आर्थिक विवाद के चलते महिला को डराने-धमकाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी।
मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार 23 सितंबर को सुषमा वर्मा निवासी कानन कुंज, सहस्त्रधारा रोड ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि,
सुबह करीब 6:50 बजे कुछ लोगों ने उन्हें जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया। शिकायत मिलते ही थाना रायपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना रायपुर और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्धों की पहचान के लिए लगातार जांच की।
मुख्य आरोपी युवती गिरफ्तार
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने शनिवार को सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से चाहत उर्फ अन्नू (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में युवती ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
अन्नू ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से दीपक पासवान को जानती है और दोनों मिलकर व्यवसाय शुरू करना चाहते थे।
इसी दौरान उनकी मुलाकात सुषमा वर्मा से हुई, जिन्होंने अठूरवाला-भानियावाला स्थित 11 गायों वाली डेयरी का सौदा उनसे 7.50 लाख रुपये में किया।
इसके बदले उन्होंने 5 लाख रुपये नकद और 2.50 लाख रुपये का चेक दिया था।
आरोप है कि डेयरी खरीदते समय उन्हें बताया गया था कि गायें प्रतिदिन लगभग 150 लीटर दूध देती हैं, लेकिन वास्तविक उत्पादन काफी कम निकला।
इसके बाद उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया।
पैसों के दबाव में बनाई गई योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि डेयरी में लगाया गया पैसा आरोपियों ने अन्य लोगों से उधार लिया था,
और उन पर लगातार रकम लौटाने का दबाव था। इसी कारण उन्होंने सुषमा वर्मा को डराने की योजना बनाई।
योजना के तहत कारगी चौक क्षेत्र से एक काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली गई।
इसके लिए अन्नू ने अपनी स्कूटी गारंटी के तौर पर रखी थी। इसके बाद आरोपी हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र में अपने साथियों से मिले और फिर देहरादून पहुंचकर घटना को अंजाम देने की कोशिश की।
23 सितंबर की सुबह दीपक, आदित्य और सुशांत उर्फ लक्की कार से सहस्त्रधारा पहुंचे और महिला को जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया।
हालांकि महिला के शोर मचाने और आसपास के लोगों के जुटने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
चार आरोपी अभी भी फरार
पुलिस जांच में निम्न आरोपियों के नाम सामने आए हैं—
दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, हरिद्वार।
सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल।
आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, सिडकुल, हरिद्वार।
प्रियांशु पुत्र सुखपाल, निवासी नगला अहमद, मंगलौर, हरिद्वार।
पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की अपील-
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार के आर्थिक विवाद या लेन-देन संबंधी समस्या हो तो उसका समाधान कानूनी माध्यमों से करें।
कानून को हाथ में लेने या किसी को डराने-धमकाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।