Headlines

Video :- अफगानिस्तान में नए रेल नेटवर्क की शुरुआत, तालिबान ने जारी किया वीडियो; क्षेत्रीय व्यापार को मिल सकती है नई रफ्तार

 हेरात, 30 सितंबर 2026।

अफगानिस्तान में रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

हेरात-खाफ रेलवे के चौथे खंड के पहले चरण को पूरा कर परिचालन के लिए शुरू कर दिया गया है।

तालिबान प्रशासन से जुड़े बख्तर समाचार एजेंसी ने भी इस परियोजना के उद्घाटन की जानकारी और वीडियो साझा किया है।

43 किलोमीटर लंबे रेल खंड का हुआ उद्घाटन

रिपोर्टों के अनुसार हेरात-खाफ रेलवे के चौथे खंड के पहले चरण की लंबाई 43 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर 57.111 मिलियन डॉलर खर्च हुए हैं।

परियोजना का उद्घाटन हेरात में किया गया। समारोह में अफगान रेलवे प्राधिकरण के प्रमुख मौलवी अब्दुल करीम फतेह,

हेरात के तालिबान प्रशासन के गवर्नर, कजाकिस्तान के उप वाणिज्य मंत्री और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

परियोजना को एक कजाक कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया है।

इस रेल खंड का उद्देश्य माल परिवहन को तेज और अपेक्षाकृत कम लागत वाला बनाना तथा अफगानिस्तान के क्षेत्रीय व्यापारिक संपर्क को मजबूत करना है।

ईरान के रास्ते क्षेत्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ता है अफगानिस्तान

हेरात-खाफ रेलवे अफगानिस्तान को ईरान के रेल नेटवर्क से जोड़ता है। अफगानिस्तान रेलवे अथॉरिटी के दस्तावेज के अनुसार खाफ-हेरात कॉरिडोर कई चरणों में विकसित किया जा रहा है।

और चौथे खंड के पहले चरण में रोज़नाक से रोबत परियान तक करीब 43 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है।

इस कनेक्टिविटी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि अफगानिस्तान एक स्थलरुद्ध देश है।

रेल संपर्क के विस्तार से उसे ईरान और आगे क्षेत्रीय व्यापारिक मार्गों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

हर महीने करीब 1.10 लाख टन माल पहुंचने का दावा

अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान के उप-वाणिज्यिक प्रतिनिधियों की ओर से कहा गया है कि,

वर्तमान में हेरात-खाफ रेल मार्ग के माध्यम से हर महीने करीब 1,10,000 टन माल अफगानिस्तान पहुंच रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि रेल के जरिए माल ढुलाई कुछ अन्य परिवहन मार्गों की तुलना में कम लागत वाली हो सकती है।

इससे अफगानिस्तान के आयात-निर्यात कारोबार के साथ-साथ हेरात क्षेत्र के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावनाएं भी जुड़ी हैं।

अगला चरण हेरात के औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचाएगा रेल

हेरात-खाफ रेलवे के चौथे खंड का दूसरा चरण करीब 47 किलोमीटर लंबा है।

अफगानिस्तान सरकार के मीडिया एवं सूचना केंद्र के अनुसार इस चरण पर काम जारी है और इसके लिए 54 मिलियन डॉलर से अधिक का मूल्य बताया गया है।

यह विस्तार हेरात के औद्योगिक क्षेत्र को रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अफगान प्रशासन इसके साथ ही हेरात-तुर्गुंडी, हेरात-मजार-ए-शरीफ और हेरात-स्पिन बोल्डक जैसे अन्य रेल संपर्कों को विकसित करने की योजनाओं पर भी जोर दे रहा है।

मध्य एशिया से दक्षिण एशिया तक कनेक्टिविटी पर नजर

रेलवे परियोजनाओं का विस्तार केवल अफगानिस्तान और ईरान के बीच व्यापार तक सीमित नहीं है।

अफगानिस्तान लंबे समय से खुद को मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के बीच ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कोशिश करता रहा है।

कजाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान में परिवहन और रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार में रुचि दिखाई है।

जून 2026 में कजाकिस्तान ने ट्रांस-अफगान परिवहन कॉरिडोर तथा पाकिस्तान के कराची और ग्वादर बंदरगाहों तक माल पहुंचाने की संभावनाओं पर अफगानिस्तान के साथ चर्चा की थी।

क्या बदल सकता है व्यापारिक समीकरण?

ईरान के जरिए अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क से बेहतर संपर्क मिल सकता है।

हेरात क्षेत्र में माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

मध्य एशियाई देशों के साथ अफगानिस्तान के व्यापारिक संपर्क मजबूत हो सकते हैं।

भविष्य में रेल गलियारों के विस्तार से दक्षिण एशियाई बाजारों तक पहुंच के नए विकल्प विकसित हो सकते हैं।

सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से लंबी दूरी के माल परिवहन की लागत और समय में कमी आ सकती है।

हालांकि, इस रेल नेटवर्क का व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे के रेल खंड कितनी तेजी से पूरे होते हैं और ईरान,

मध्य एशिया तथा दक्षिण एशिया के बीच सीमा, कस्टम और ट्रांजिट व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी ढंग से काम करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *