अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को परेड ग्राउंड से सचिवालय को कूच किया।
बड़ी संख्या में प्रदेश से ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर देहरादून की सड़क पर उतरे और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रधानों में खासा आक्रोश देखने को मिला।
सचिवालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारी प्रधानों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।
हालांकि, मांगों को लेकर आक्रोशित प्रधानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया।
इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन।
प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन उत्तराखंड की अध्यक्ष योगिता कन्तूर रावत का कहना है कि,
ग्राम पंचायतों के स्तर पर विकास कार्यों को गति देने और पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए उनकी लंबे समय से चली आ रही,
मांगों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। प्रधानों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के संचालन में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी प्रधानों ने सरकार से पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।
उनका कहना है कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं,
लेकिन पर्याप्त अधिकार और संसाधन नहीं मिलने के कारण पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने में दिक्कतें आती हैं।
सचिवालय कूच के दौरान बढ़ा तनाव
प्रधान संगठनों के सचिवालय कूच को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।
लेकिन प्रदर्शनकारी प्रधान बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करने लगे।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित प्रधानों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया।
प्रधानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं,
लेकिन यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग
प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन उत्तराखण्ड की अध्यक्ष योगिता कन्तूर रावत ने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्राम पंचायतों को मजबूत किए बिना गांवों के विकास की गति को तेज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के ग्राम प्रधान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।
सचिवालय कूच के दौरान पुलिस बल की तैनाती के कारण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी रही।