उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है।
उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य करन माहरा,
उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में अल्मोड़ा के गोलज्यू मंदिर से रानीखेत, खैरना, भवाली,
भीमताल और हल्द्वानी तक पदयात्राओं एवं रैलियों का आयोजन किया गया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती अनियमितताओं, महिला सुरक्षा और पलायन जैसे मुद्दे उठाए।
पदयात्राओं के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तराखंड के स्वाभिमान, युवाओं के भविष्य,
महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश के विकास से जुड़े सवालों पर लड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के सहयोग से भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने और प्रदेश में जनहितकारी, पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला
यशपाल आर्य ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी,
भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की कथित मनमानी से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के नाम पर घोषणाएं की जा रही हैं,
लेकिन जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद भी उत्तराखंड के सामने रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पलायन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
उनके अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन राज्य के सामाजिक और आर्थिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
भर्ती घोटालों और पेपर लीक का मुद्दा उठाया
नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी भर्तियों में कथित घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि,
इन मामलों ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाने वाले युवाओं को भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के कारण निराशा का सामना करना पड़ा है।
आर्य ने कहा कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों की समस्याएं भी उठाईं
यशपाल आर्य ने किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और कर्मचारियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि,
भाजपा सरकार की नीतियों से इन वर्गों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।
उन्होंने किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने, मजदूरों के हितों की रक्षा करने और छोटे व्यापारियों को महंगाई एवं आर्थिक कठिनाइयों से राहत देने की जरूरत बताई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बड़े पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोकतांत्रिक जवाबदेही पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही जनता और निर्वाचित सदन के प्रति होती है।
विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
आर्य ने आरोप लगाया कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार पर्याप्त चर्चा से बचती है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की समस्याओं को विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर उठाता रहेगा।
न्याय यात्रा को बताया जनता के अधिकारों की लड़ाई
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड न्याय यात्रा को प्रदेश की जनता के अधिकार, सम्मान, स्वाभिमान और न्याय से जुड़ा अभियान बताया।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को सामने लाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
यात्रा के माध्यम से पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के साथ वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनहित के मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।