प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय कार्यों में तेजी लाने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने आयुष, पंचायती राज और आपदा प्रबंधन विभाग की योजनाओं एवं लंबित मामलों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारियों से जुड़े प्रकरणों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और पात्र कार्मिकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने को कहा।
डीएपीसी और एसीपी के मामलों में तेजी लाने के निर्देश
आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने डीएपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) से संबंधित लाभ, एसीपी (आश्वस्त करियर प्रगति) के लाभ,
वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) के लंबित मामलों और चिकित्साधिकारियों के स्थायीकरण सहित विभिन्न विषयों पर बिंदुवार जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को डीएपीसी और एसीपी से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
पात्र कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर उनका लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने वर्ष 2015 और 2024 में नियुक्त चिकित्साधिकारियों की लंबित एसीआर को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों के स्थायीकरण से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान निकालने को कहा।
संविदा चिकित्सकों के मानदेय पुनरीक्षण पर चर्चा
बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत संविदा चिकित्सकों के मानदेय पुनरीक्षण के विषय पर भी चर्चा हुई।
विभागीय अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि इस संबंध में व्यय भार का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है।
मंत्री ने आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं में फार्मेसी अधिकारियों के पदों के सृजन की प्रगति की भी जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा फार्मेसी अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी और प्रभारी फार्मेसी अधिकारी के पदों पर पदोन्नति देने से संबंधित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
विधानसभा के प्रश्नों की तैयारी समय पर पूरी करें अधिकारी
आगामी विधानसभा सत्र के मद्देनजर आयुष विभाग से संबंधित प्रश्नों की भी समीक्षा की गई।
मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रश्नों के उत्तर तथ्यों के आधार पर तैयार किए जाएं और आवश्यक सूचनाओं के साथ पूरी तैयारी रखी जाए,
ताकि विधानसभा में विभाग की ओर से समय पर और स्पष्ट जवाब दिया जा सके।
आपदा प्रभावित पंचायतों को मुआवजा देने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश
मंत्री ने पंचायती राज और आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान प्रदेश में आपदा से पंचायतों को हुए नुकसान का आकलन करने पर जोर दिया।
उन्होंने पंचायत घरों और ग्रामीण सड़कों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाकर संबंधित जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित पंचायतों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
साथ ही पंचायतों से संबंधित नियमावली को जल्द तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक में आयुष विभाग की सचिव रंजना राजगुरु, सचिव पंचायती राज नितेश झा,
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, निदेशक आपदा प्रबंधन निधि यादव,
निदेशक आयुष डॉ. आरपी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।