नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से संचालित रिन्यूएबल एनर्जी स्टेट असेसमेंट फ्रेमवर्क 2026 के तहत उत्तराखंड ने विशेष श्रेणी के राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर 5 नवंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति ने राज्य को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से 2 से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित,
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में उत्तराखंड की ओर से प्रमुख सचिव (ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा) डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम,
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) एवं पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पीटीसीयूएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी,
तथा उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया।
कई महत्वपूर्ण मानकों पर हुआ मूल्यांकन
RE-SAF के तहत देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा के विकास, नीतिगत एवं नियामकीय व्यवस्था,
विद्युत ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की तैयारी तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता सहित कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया जाता है।
विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड का दूसरा स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि प्रदेश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
धामी सरकार के प्रयासों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार,
तथा ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों की ओर से किए जा रहे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया गया है।
राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने,
विद्युत ग्रिड की क्षमता को मजबूत बनाने और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अनुसार यह सम्मान प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
साथ ही यह राष्ट्रीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता और प्रगति को भी प्रदर्शित करता है।
यूपीसीएल ने स्वच्छ, हरित, विश्वसनीय और सतत ऊर्जा व्यवस्था के विकास में अपना योगदान निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।