जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए भारतीय सेना में तैनात चमोली जनपद के वीर सपूत नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया का निधन हो गया।
उनके निधन की खबर से जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है।
मौत का कारण: ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक/हृदय गति रुकना (कार्डियक अरेस्ट)।
यह शत्रु के साथ मुठभेड़ या लड़ाई में शहादत नहीं थी, बल्कि ऑपरेशनल ड्यूटी पर प्राकृतिक कारण से हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वह चमोली जनपद के ग्राम हरमल के निवासी थे।
देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हुए उनके निधन की खबर से क्षेत्रवासियों और सैन्य परिवारों में गहरा दुख है।
उनके निधन से उत्तराखंड ने अपना एक वीर सपूत खो दिया है। मातृभूमि की रक्षा के लिए सेना में उनकी सेवाएं सदैव याद की जाएंगी।
अंतिम संस्कार: 30 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में सैन्य सम्मान के साथ हुआ।
उनका पार्थिव शरीर पहले देहरादून (परिवार का निवास) लाया गया।
परिवार: पत्नी जानकी देवी, 7 साल की बेटी शानवी, 4 साल का बेटा श्रेयांश, माता नारायणी देवी और पिता देव सिंह गड़िया (पूर्व सैनिक)।
उनके दो बड़े भाई भी सेना से सेवानिवृत्त हैं।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, चमोली पुलिस ने श्रद्धांजलि दी।
पंचूर वार्ता परिवार की ओर से वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।