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Relief:- क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, CBI जांच के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

पंचूर वार्ता |कानूनी राहत

नई दिल्ली,30 अक्टूबर 2026।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है।

एसोसिएशन के खिलाफ कथित अनियमितताओं के आरोपों की सीबीआई जांच कराने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

शीर्ष अदालत ने एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस भी जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुलिस पहले ही जांच कर चुकी थी।

पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया था।

इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए थे।

इस आदेश को एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

29 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए,

एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के सीबीआई जांच संबंधी निर्देश पर रोक लगा दी।

अधिवक्ता विदुषी पांडेय ने की पैरवी

सुप्रीम कोर्ट में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से अधिवक्ता विदुषी पांडेय ने पैरवी की।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसोसिएशन ने राहत जताते हुए न्यायिक प्रक्रिया में अपना विश्वास दोहराया है।

माहिम वर्मा ने फैसले का किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष एवं क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व पदाधिकारी माहिम वर्मा ने खुशी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश एसोसिएशन के लिए बड़ी राहत है और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत करने वाला है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से आधारहीन और बेबुनियाद आरोपों के जरिए एसोसिएशन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा है।

पुलिस जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी, इसके बावजूद बार-बार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया।

माहिम वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सीबीआई जांच संबंधी निर्देश पर रोक लगाकर मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

एसोसिएशन न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और उसे पूरा विश्वास है कि आगे भी न्याय मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अब एसोसिएशन का पूरा ध्यान उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास,

खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और राज्य को राष्ट्रीय क्रिकेट के मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने पर रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से एसोसिएशन को फिलहाल राहत मिली है।

मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और शीर्ष अदालत के अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें रहेंगी।

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