श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित भव्य धार्मिक,
एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
पुलिस लाइन परिसर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, रंग-बिरंगी सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इसके बाद विभिन्न विद्यालयों, सांस्कृतिक संस्थाओं और कलाकारों द्वारा श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
राधा-कृष्ण की झांकियों, भजन-कीर्तन, नृत्य-नाटिकाओं और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण का मार्ग दिखाया।
श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पूर्व था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है।
ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की संस्कृति, परंपराएं तथा धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि,
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, सेवा, प्रेम और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था।
बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों, उनके परिवारों और आम नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर जन्माष्टमी उत्सव का आनंद लिया।
पूरे परिसर में भक्ति संगीत, भजन और श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी,
विभिन्न जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी,
पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण की आरती और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना के साथ हुआ।
जन्माष्टमी के इस भव्य आयोजन ने श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए उपस्थित लोगों के मन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।