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Justice :- पत्नी से प्रताड़ित पुरुषों ने आयोग से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मदद की गुहार लगाई

देहरादून 09 मार्च 2026।

 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष पर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने हेतु राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतर्गत आज उत्तराखंड में इस विशेष मुहिम की शुरुआत राजधानी से की गई।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देहरादून जनपद के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित कोषागार सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की एवं सदस्य विमला नैथानी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में कुल 25 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा।

जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता, संपत्ति विवाद और लैंड फ्रॉड जैसे कई गंभीर मामले सामने आए।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया, जबकि कुछ जटिल प्रकरणों को आगामी कार्रवाई हेतु प्रस्तावित करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

इस जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा के दो मामलों में महिला आयोग के अध्यक्ष द्वारा गंभीरता दिखाते हुए।

उन्हें सुलझाने का प्रयास किया गया तथा दोनों परिवारों को समझाते हुए से कुशलता के साथ रहने की सलाह दी गई तथा एक माह बाद उन्हें पुनः आयोग के सम्मुख उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

वही अपर सारथी विहार देहरादून से एक व्यक्ति द्वारा आयोग की अध्यक्ष से उनकी 93 वर्षीय माता की पेंशन निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों को घर न आने की शिकायत की गई,

उन्होंने कहा कि 93 वर्षीय बुजुर्ग अस्वस्थ माताजी को हर माह बैंक नहीं ला सकते हैं, उन्होंने बताया कि पूर्व मे बैंक के कर्मचारी घर आया करते थे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा बैंक मेनेजर से वार्ता कर वृद्धा की समस्या के निस्तारण के आदेश दिए गए।

वही एक मामले में पीड़िता द्वारा बताया गया कि उनकी शादी को 7 साल हो गए हैं पति द्वारा मेरी तबीयत खराब होने पर तुरंत मुझे मायके छोड़ देते है।

ससुराल में मेरी देखभाल नहीं की जाती है ना ही अच्छा खाना दिया जाता है, इस पर आयोग की अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए पीड़िता के पति को ₹5000/- प्रति माह व्यक्तिगत खर्च के लिए देने के निर्देश दिए है।

जनसुनवाई के दौरान एक पीड़िता ने फरियाद लगाते हुए बताया कि उसके एक मुकदमे में उसके आरोप पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई जबकि वह पिछले डेढ़ साल से आरोप पत्र के लिए परेशान घूम रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसएचओ नेहरू कॉलोनी को तत्काल निर्देश दिए कि पीड़िता को उक्त मुकदमे के आरोप पत्र की प्रति अविलंब उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक पीड़िता द्वारा पर फरियाद लगाते हुए बताया गया कि उनकी बेटी पिछले कई दिनों से लापता है जिसकी गुमशुद की दर्ज कराई गई है परंतु अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

जिसके लिए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सीओ रीना राठौर को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उनकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढ कर सकुशल वापस लाने के निर्देश दिए हैं।

इस जनसुनवाई का एक विशेष पहलू यह रहा कि महिलाओं के साथ-साथ पत्नी से प्रताड़ित कुछ पुरुषों ने भी आयोग के सामने उपस्थित होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मदद की गुहार लगाई।

अध्यक्ष ने इन मामलों को भी पूरी संवेदनशीलता से सुना और पारिवारिक सामंजस्य एवं उचित परामर्श के निर्देश दिए।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल का कहना है कि जो महिला दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं या पीड़िताएं अपनी पहुंच आयोग के मुख्यालय देहरादून तक नहीं बना सकती।

उनके लिए महिला आयोग द्वारा महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है,

ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठी पीड़िता को भी समयबद्ध और सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं,

ग्राउंड स्तर पर उनकी मॉनिटरिंग की जाए ताकि पात्र महिलाओं को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आगामी जनसुनवाई कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि वे स्वयं प्रदेश के 5 जनपदों में उपस्थित रहकर जनसुनवाई की कमान संभालेंगी,

10 मार्च को जनपद पौड़ी गढ़वाल, 11 मार्च को जनपद हरिद्वार, 12 मार्च को जनपद चंपावत, 13 मार्च को जनपद उधम सिंह नगर सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में आयोग की उपाध्यक्ष,

एवं सदस्य उपस्थित रहकर जनसुनवाई करते हुए शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करेंगे।

अध्यक्ष ने जोर दिया कि प्रशासन और पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों की शिकायतों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

इस जनसुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य विमला नैथानी, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान,

उपजिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, उपजिलाधिकारी सदर हरी गिरी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, सहायक निदेशक / जिला सूचना अधिकारी बद्री चंद,

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता स्वाति शर्मा एवं प्रियंका बिष्ट,

पुलिस विभाग से पुलिस क्षेत्रअधिकारी रीना राठौर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से प्रोफेशन अधिकारी मीना बिष्ट एवं शिखा कंडवाल,

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, सहित शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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