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Dialogue :- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारतीय व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारतीय वन सेवा के मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों से संवाद

नई दिल्ली 21 मई 2026।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में भारतीय वन सेवा के मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया।

ये अधिकारी इस समय इन्दिरा गाँधी राष्‍ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में चल रहे एमसीटी प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।

और इसी कार्यक्रम के लाइन मिनिस्‍ट्रीज़ मॉड्यूल के अंतर्गत आज वे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दौरे पर हैं।

नई दिल्‍ली स्थित इन्दिरा पर्यावरण भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

अपने संबोधन में यादव ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का मार्ग ‘हरित भारत’ से होकर गुजरता है।

और उन्होंने वैश्विक संरक्षण प्रयासों में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि एक वन अधिकारी की जिम्मेदारी सेवानिवृत्ति के बाद भी समाप्त नहीं होती,

क्योंकि वे सदैव ‘मूक वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं की आवाज’ बने रहते हैं।

मंत्री ने प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी कि भारत जून के प्रथम सप्ताह में पहली बार आयोजित होने वाले,

इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा,

जिसमें विश्व भर के लगभग 95 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी होगी।

प्रश्नोत्तर आधारित संवादात्मक सत्र के दौरान यादव ने वन, वन्यजीव और जलवायु परिवर्तन से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा की।

उन्होंने चीता संरक्षण, कृत्रिम ऊष्मायन के माध्यम से ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण,

नदी तंत्र को बनाए रखने में बाघ अभयारण्यों की भूमिका तथा विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के महत्‍त्‍व पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन के शमन में भारत की प्रगति, एनडीसी लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने,

वन एवं वन्यजीव गर्वनेंस प्रणालियों में सुधार तथा पर्यावरणीय प्रबंधन मे उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर भी प्रकाश डाला।

केंद्रीय राज्य मंत्री (ईएफसीसी) कीर्तिवर्धन सिंह ने वैश्विक संरक्षण कूटनीति में भारत के नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया,

तथा विकास तथा संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के महत्‍त्‍व पर बल दिया।

इस अवसर पर  तन्मय कुमार, सचिव (ईएफसीसी) एस.के. अवस्थी, महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव (ईएफसीसी) और भारती,

निदेशक, इन्‍दिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून (आईएनजीएफए) तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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