भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपने सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए एक विशेष “ब्रिज सपोर्ट पैकेज” उपलब्ध कराने हेतु टेंडर (RFP) जारी किया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह टेंडर रखरखाव, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और तकनीकी सहायता से जुड़ा है, जिससे राफेल बेड़े की परिचालन क्षमता को बनाए रखा जा सके।
वायु सेना द्वारा जारी प्रस्ताव में सभी 36 राफेल विमानों को शामिल किया गया है।
यह सपोर्ट पैकेज सितंबर 2026 के बाद लगभग 2,250 उड़ान घंटों के लिए आवश्यक रखरखाव और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करेगा।
इसके तहत स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी विशेषज्ञता और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राफेल विमानों की उच्च परिचालन उपलब्धता बनाए रखने और वायु सेना की युद्धक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राफेल वर्तमान में भारतीय वायु सेना के सबसे आधुनिक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों में शामिल हैं और कई महत्वपूर्ण अभियानों में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं।
हाल के दिनों में पड़ोसी देशों की ओर से राफेल विमानों को लेकर किए गए दावों के बीच यह टेंडर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि सभी 36 विमानों के लिए सपोर्ट पैकेज मांगा जाना इस बात का संकेत है कि पूरा राफेल बेड़ा वायु सेना की सेवा में सक्रिय है।
भारतीय वायु सेना आने वाले वर्षों में अपने लड़ाकू बेड़े के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
इसी क्रम में अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद और अन्य आधुनिक प्लेटफॉर्मों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।