DehradunNews:-कुंडलिनी जागृत करने के फ़ायदे
देहरादून – कुंडलिनी जागृत करने की इच्छा रखने वाले साधक को प्रतिदिन भस्रिका प्राणायाम, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम और ओंकार के जप (ध्यान) का तात्पर्य यही है कि ‘प्राण’ को निम्न स्तर से उठाकर उच्च स्तर में ले जाया जाये। ‘बुद्धि एवं मन’ को प्राण के क्रियामय क्षेत्र से उठाकर ‘विज्ञानमय कोश’ के तथा ‘मन-बुद्धि’ को…
