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चकराता 21 नवम्बर 2025।
जौनसार-बावर के 200 से अधिक गांवों में पौराणिक बूढ़ी दिवाली का रंग चढ़ गया है।
देशभर में दिवाली के ठीक एक माह बाद मनाए जाने वाले इस अनोखे पर्व की शुरुआत होते ही पूरा जनजातीय क्षेत्र पारंपरिक उत्सवों में डूब गया है।
पांच दिन तक चलने वाले इस पर्व में ग्रामीण जलती मशालें लेकर समूहों में नाचते-गाते दिखाई दे रहे हैं।
ढोल-दमाऊ की थाप पर हारूल, झेंता और रांसो जैसे लोकनृत्यों की धुनें पूरे क्षेत्र में गूंज रही हैं।
कैसे ग्रामीण रात के अंधेरे में दूर तक मशालें लेकर चलते हैं और पारंपरिक गीतों पर उत्सव की उमंग बिखेरते नजर आते हैं।
आने वाले पांच दिनों तक जौनसार-बावर इसी उत्सवी माहौल में सराबोर रहेगा।