जनपद रुद्रप्रयाग में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्षों की काउंसलिंग कर प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान किया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को प्राप्त सूचना के अनुसार टिहरी गढ़वाल निवासी एक बालिग युवती जिसकी उम्र 20 वर्ष है।
वह अपने परिचित किशोर (उम्र 19 वर्ष) के घर जनपद रुद्रप्रयाग पहुंच गई थी तथा विवाह करने की बात पर जोर दे रही थी।
सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की गई।
गठित टीम में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, बाल कल्याण समिति की सदस्य ममता शैली,
गीता मलासी, दलवीर सिंह रावत तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक सुरेंद्र सिंह रावत शामिल रहे।
टीम द्वारा दोनों पक्षों एवं परिजनों की विस्तृत काउंसलिंग की गई।
काउंसलिंग के दौरान युवती को बाल विवाह से संबंधित कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी गई,
तथा समझाया गया कि इस प्रकार का निर्णय संबंधित किशोर के भविष्य एवं शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
वहीं किशोर एवं उसके परिजनों को भी विधिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि निर्धारित वैधानिक आयु पूर्ण होने से पूर्व विवाह किया जाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
इसके उपरांत युवती के परिजनों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित कर आवश्यक समझाइश दी गई,
तथा युवती की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के संबंध में आश्वासन प्राप्त किया गया।
समस्त पक्षों की सहमति एवं काउंसलिंग के उपरांत युवती को सुरक्षित उसके परिजनों के साथ घर भेजा गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में बाल विवाह रोकथाम, बाल संरक्षण एवं किशोर-किशोरियों के हितों की सुरक्षा हेतु निरंतर जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
किसी भी प्रकार की बाल संरक्षण संबंधी सूचना प्राप्त होने पर प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।