Tapori:- सड़क से संसद तक “टपोरी” शब्द भाषा या स्टाइलिस्ट !
देहरादून 3 अप्रैल 2026। डॉ. सुशील उपाध्याय कहते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में यही उम्मीद की जाती है कि अमानक अथवा स्लैंग भाषा के शब्द संसदीय भाषा का हिस्सा नहीं बनेंगे, लेकिन जब फिल्म जगत के लोग राजनीति और संसद तक जाते हैं तो वे कई बार, चाहे अनचाहे, उस भाषा को भी साथ ले…
