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HaridwarNews:-स्वामी रामदेव ने बांग्लादेश अस्थिरता पर कहीं यह बात

हरिद्वार – स्वामी रामदेव ने बयान जारी करके अपील की है बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों पर किसी भी प्रकार की कोई क्रूरता, अत्याचार, जुल्म, ज़्यादती ना हो, चाहे जो वहां पर हमारे हिंदू भाई हैं जो व्यापार कर रहे हैं या जो हमारे वहां पर हिंदू मंदिर हैं या हमारे भारतीय वहां पर जो…

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HaridwarNews:-योग का प्रयोग करके आज जो परिणाम सामने आए हैं, वो प्रमाण बन गए हैं : स्वामी रामदेव 

योग पूरी मानवता व विश्व के लिए ऋषियों का श्रेष्ठतम उपहार है: स्वामी रामदेव हरिद्वार –  स्वामी रामदेव  तथा आचार्य बालकृष्ण के दिशानिर्देशन में पतंजलि वैलनेस, पतंजलि योगपीठ-2 स्थित योगभवन सभागार में 10वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ‘स्वयं और समाज के साथ यूनिवर्स के लिए योग’ विषय के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने…

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DehradunNews:- कुण्डलिनी-जागरण के लक्षण एवं लाभ भाग दो

देहरादून – एक लाभ अत्यधिक महत्त्वपूर्ण यह भी है कि ऐसी यौगिक प्रक्रिया करनेवाले व्यक्ति को जीवन में कोई रोग नहीं हो सकता है तथा कैंसर, हृदयरोग, मधुमेह, मोटापा, पेट के समस्त रोग, वात, पित्त एवं कफ की सभी विषमताएँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं। व्यक्ति पूर्ण निरोग हो जाता है। आज के स्वार्थी व्यक्ति…

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DehradunNews:- कुण्डलिनी-जागरण के लक्षण एवं लाभ

देहरादून – कुण्डलिनी-जागरण के आत्मिक लाभ की अभिव्यक्ति शब्दों में तो नहीं की जा सकती। हाँ, इतना अवश्य कहा जा सकता है कि यह एक पूर्ण आनन्द की स्थिति होती है। इस स्थिति को प्राप्त करने के बाद कुछ पाना शेष नहीं रह जाता। मन में पूर्ण सन्तोष, पूर्ण शान्ति एवं परमसुख होता है। ऐसे…

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DehradunNews:- ध्यान लगने के लिए कुछ दिशा निर्देश भाग चार

देहरादून –  ध्यान लगाने से पहले साधक को सदा विवेक और वैराग्य के भाव में रहना चाहिए।यदि हमने इस जीवन में अभी से ईश्वर-साक्षात्कार के मार्ग पर बढ़ना प्रारम्भ नहीं किया, तो उपनिषद् के ऋषि कहते हैं इह चेदवेदीदध सत्यमस्ति न चेविहावेदीन्महती विनष्टिः। भूतेषु भूतेषु विचित्य धीराः प्रेत्यास्माओकादमृता भवन्ति।। इस मन्त्र का तात्पर्य यह है…

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DehradunNews:- ध्यान लगने के लिए कुछ दिशा निर्देश भाग तीन

देहरादून – ध्यान लगाने से पहले साधक को सदा विवेक और वैराग्य के भाव में रहना चाहिए। स्वयं को द्रष्टा, साक्षी के रूप में अवस्थित रखकर अनासक्त भाव से समस्त शुभ कार्यों को भगवान् की सेवा मानकर करना चाहिए। कर्त्तव्य का अहंकार एवं फल की अपेक्षा से रहित कर्म भगवान् का क्रियात्मक ध्यान है।बाह्यसुख की…

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DehradunNews:- ध्यान लगने के लिए कुछ दिशा निर्देश भाग दो

देहरादून – ध्यानोपयोगी आसन में बैठकर चित्र को एकाकृत करते हुए ध्यान करें कि जैसे सागर को छोड़कर बूँद रह नहीं सकती है। मैं भी उस आनन्द के सिन्धु परमेश्वर में बूँद से समुद्र रूप होना चाहता हूँ। उसी विधाता, पिता, परमेश्वर ने हमें जीवन, प्राण, जन्म, आयु, शरीर, बुद्धि, शरीर के साधन, घर, परिवार,…

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DehradunNews:- ध्यान लगने के लिए कुछ दिशा-निर्देश

देहरादून – ध्यान करते समय ध्यान को हो सर्वोपरि महत्त्व दें। ध्यान के समय किसी भी अन्य विचार को चाहे वह कितना ही शुभ क्यों न हो, महत्त्व न दें। दान, सेवा एवं परोपकार करना, विद्याध्ययन, गुरुसेवा एवं गोसेवा आदि पवित्र कार्य हैं. परन्तु इनका भी ध्यान के समय ध्यान या चिन्तन न करें। ध्यान…

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DehradunNews:-कुंडलिनी जागृत करने के फ़ायदे

देहरादून – कुंडलिनी जागृत करने की इच्छा रखने वाले साधक को प्रतिदिन भस्रिका प्राणायाम, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम और ओंकार के जप (ध्यान) का तात्पर्य यही है कि ‘प्राण’ को निम्न स्तर से उठाकर उच्च स्तर में ले जाया जाये। ‘बुद्धि एवं मन’ को प्राण के क्रियामय क्षेत्र से उठाकर ‘विज्ञानमय कोश’ के तथा ‘मन-बुद्धि’ को…

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DehradunNews:-कुण्डलिनी जागरण के उपाय भाग छः

देहरादून -कुंडलिनी जागृत करने की इच्छा रखने वाले साधक को प्रतिदिन भस्रिका प्राणायाम, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम और अनुलोम-विलोम करना चाहिए। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि मूलाधार चक्र के जागृत होने पर अन्य चक्रों का भी जागरण स्वतः होने लगता है और दिव्य शक्ति ऊर्ध्वगामिनी हो जाती है। यही कुण्डलिनी जागरण है। वैज्ञानिक शब्दों में…

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