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आशा संगठन ने आंगनबाड़ी की तरह निर्धारित मानदेय की मांग उठाई

रूद्रप्रयाग – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय आशा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में वर्ष 23-24 के लिए अगस्त्मुनि ब्लाक से सुशीला देवी, जखोली ब्लाक से सरस्वती देवी व ऊखीमठ ब्लाक से बिष्णा देवी .को सर्वश्रेष्ठ आशा के पुरूस्कार से नवाजा गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ ब्लाक समन्वयक का पुरूस्कार ऊखीमठ के नाम रहा। वहीं, भरोसी देवी, विजया देवी व संगीता कठैत को सर्वश्रेष्ठ आशा फेसिलिटेटर का पुरूस्कार प्रदान किया गया।तिलवाड़ा स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित आशा सम्मेलन का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य वाचस्पति सेमवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने आशाओं को स्वास्थ्य विभाग की रीढ बताते हुए सराहना की कि स्वास्थ्य मानकों के लक्ष्यों को हासिल करने सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफलतापूर्वक सचांलन में आशाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने आशाओं को जीवन की आशा बताते हुए कहा कि उनके द्वारा सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण आदि के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने समाज में आशा के स्थान को महत्वपूर्ण बताते हुए आशाओं को और अधिक संवेदनशीलता व जागरूकता के साथ अपने दायित्व निर्वहन के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, भरोसा जताया कि आशाओं की मांगों को प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखेंगे।

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आशा कार्यकत्री संगठन की जिलाध्यक्ष कमला राणा द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्री की तर्ज पर आशा कार्यकत्रियों को भी निर्धारित मानदेय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एच0सी0एस0 मर्तोलिया ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा कार्यक्रम व आशा कार्यकत्रियों की भूमिका के बारे में विस्तापूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आशाओं के कार्यकौशल का नतीजा है कि मातृ व शिशु मृत्यु दर सूचकांक में जनपद रूद्रप्रयाग देश में सबसे अच्छे सूचकांक वाले जनपद में शुमार है। उन्होंने आशाओं को और अधिक जागरूक व संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संपादित करने हेतु प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर आशा कार्यकत्रियों द्वारा नुक्कड़ नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिसमें कन्या भू्रण हत्या रोकथाम, संस्थागत प्रसव कराने एवं प्रसव से संबंधित सेवाओं के विषयक नुक्कड़ नाटक को खूब सराहना मिली।

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कार्यक्रम में सर्वक्षेष्ठ आशा कार्यकत्री श्रेणी में सुशीला देवी (डुंग्रा, अगस्त्यमुनि), सरस्वती देवी (सुमाड़ी, जखोली), बिष्णा देवी (पाव जगपुड़ा, ऊखीमठ) को अपने-अपने ब्लाक से प्रथम स्थान पर रहीं। जबकि, गीता देवी (जगोट, अगस्त्यमुनि), शैला काला (मयाली, जखोली), पारेश्वरी देवी (पाली सरूणा, ऊखीमठ) द्वितीय तथा आशा सेमवाल (पुनाड़, अगस्त्यमुनि), उर्मिला देवी (गोर्ती, जखोली), दमयन्ती देवी (ब्यूंखी, ऊखीमठ) अपने-अपने ब्लाक में तृतीय स्थान पर रहीं।

वहीं, सर्वश्रेष्ठ आशा फेसिलिटेटर श्रेणी में संगीता कठैत (अगस्त्यमुनि), विजया देवी (जखोली) व भरोसी देवी (ऊखीमठ) को अपने-अपने ब्लाक में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरूस्कृत किया गया। इसी श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए आशा पुरोहित (अगस्त्यमुनि), सरिता देवी(जखोली), गीता रावत (ऊखीमठ) तथा तृतीय स्थान के लिए दीपा देवी (अगस्त्यमुनि), बीना देवी (जखोली) व सुधा नौटियाल (ऊखीमठ) को पुरूस्कृत किया गया जबकि, सर्वश्रेष्ठ ब्लाक समन्वयक का पुस्कार ऊखीमठ ब्लाक के जगजीत चौधरी के नाम रहा।

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कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 विमल सिंह गुसाईं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जखोली डा0 खुशपाल, आशा फेसिलिटेटर संगठन की जिलाध्यक्ष सुशीला सेमवाल, आशा संगठन की ब्लाक अध्यक्ष ललिता (अगस्त्यमुनि), लक्ष्मी (जखोली), सुनीता नेगी (ऊखीमठ), डीपीएम हिमांशु नौडियाल, डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, डीसीएम आशा कार्यक्रम हेमलता गैरोला, डीडीएम अशोक नौटियाल, डीसी पीसीपीएनडीटी डा0 मनवर सिंह रावत, डीईओ प्रतिरक्षण यशवंत राणा आदि मौजूद रहे।

 

 

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