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Will Have to Regret:- पुलिस के आला अधिकारियों पर बरसे गणेश गोदियाल, बोले- “समय आने पर अपने किए पर पछताना पड़ेगा”

देहरादून 02 सितंबर 2026।

उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के दौर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक बार फिर पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की पुलिस निष्पक्ष रूप से कार्य करने के बजाय सरकार के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर चुकी है जो संविधान और अपने कर्तव्यों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं।

देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन और पुलिस की भूमिका निष्पक्ष एवं संविधान के अनुरूप होनी चाहिए,

लेकिन उत्तराखंड में कई मामलों में इसकी अनदेखी देखने को मिल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सत्ता के दबाव में कार्य कर रहे हैं और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

“कांग्रेस ने अधिकारियों को किया है चिन्हित”

गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में ऐसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने उन अधिकारियों को चिन्हित कर लिया है जो अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता से नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें स्थायी नहीं होती और समय के साथ सत्ता परिवर्तन होता रहता है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “समय का पहिया हमेशा घूमता रहता है।

आज जो अधिकारी सत्ता के प्रभाव में आकर अपने कर्तव्य से अलग हटकर काम कर रहे हैं, उन्हें भविष्य में अपने किए पर पछताना पड़ सकता है।”

प्रशासन पर पहले भी उठाते रहे हैं सवाल

यह पहला अवसर नहीं है जब गणेश गोदियाल ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हों।

इससे पहले भी वह कई बार प्रदेश के अधिकारियों और प्रशासन पर भाजपा सरकार के पक्ष में काम करने के आरोप लगा चुके हैं।

उन्होंने कई आंदोलनों और राजनीतिक घटनाक्रमों के दौरान प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े किए थे।

गोदियाल का आरोप रहा है कि राज्य में विपक्षी दलों के कार्यक्रमों और आंदोलनों के प्रति प्रशासन का रवैया कठोर रहता है,

जबकि सत्तारूढ़ दल से जुड़े मामलों में अलग दृष्टिकोण अपनाया जाता है। हालांकि सरकार और प्रशासन की ओर से इन आरोपों को पहले भी निराधार बताया जाता रहा है।

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

गणेश गोदियाल के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

वहीं भाजपा इस तरह के बयानों को राजनीतिक हताशा और दबाव की राजनीति करार दे सकती है।

प्रदेश में पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पुलिस के आला अधिकारियों को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक तापमान को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

प्रशासनिक निष्पक्षता पर फिर छिड़ी बहस

गोदियाल के बयान ने एक बार फिर प्रशासनिक और पुलिस तंत्र की निष्पक्षता को लेकर बहस को हवा दे दी है।

विपक्ष जहां प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है।

अब देखना होगा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान पर भाजपा, सरकार और पुलिस विभाग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

फिलहाल इस बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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