मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने,विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करने,
तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की क्षमता का परीक्षण करने के लिए आज राज्य के सभी 13 जनपदों में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल चल रही है।
जनपद उत्तरकाशी में दो ब्लाकों के पाँच स्थानों में मॉक ड्रिल की जा रही है।
मॉक अभ्यास के लिए आज प्रातः जैसे ही आपदा परिचालन केंद्र को विभिन्न स्थानों से आपदा आने की सूचना मिली,
उसके तुरंत बाद प्रातः 9.30 बजे आपदा परिचालन केंद्र से आपदा सायरन बजा।
डीएम/ रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर प्रशांत आर्य ने आईआरएस सिस्टम को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
साथ ही राहत एवं बचाव दल को मय संसाधन के साथ घटना स्थल पर भेजने के निर्देश दिए।आपदा कंट्रोल रूम से निरंतर घटना स्थल से जानकारी जुटाई जा रही है।
मॉक ड्रिल के लिए पहला परिदृश्य नेताला में अधिक वर्षा से नदी का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।
2- दूसरे परिदृश्य में बग़ासू के दूरस्थ क्षेत्र में बादल फटने से जनहानि की आशंका की सूचना प्राप्त हुई है।
3-तीसरे परिदृश्य में कुथनौर विद्यालय भवन में पेड़ गिरने की सूचना मिली है।
4- चौथे परिदृश्य में डबरानी में भूस्खलन एवं वाहनों की दबने की सूचना मिली हैं।
5- पांचवे परिदृश्य में नालूपानी में सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना प्राप्त हुई है।
डीएम/रिस्पांसिबल ऑफिसर ने आपदा कंट्रोल से संबंधित इंसीडेंट कमांडर को स्टेजिंग एरिया से मय संसाधन के साथ राहत एवं बचाव दल को घटना स्थल के लिए रवाना करने के निर्देश दिए।