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Health News:-पाइल्स (बवासीर): कारण, लक्षण, इलाज और परहेज

देहरादून 28 अगस्त 2026।

आजकल बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण पाइल्स (बवासीर) की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

यह एक आम लेकिन कष्टदायक बीमारी है, जिसमें गुदा (एनस) और मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है।

समय रहते इलाज न कराने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

पाइल्स होने के प्रमुख कारण-

विशेषज्ञों के अनुसार पाइल्स का मुख्य कारण गुदा और मलाशय की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ना है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

लंबे समय तक कब्ज रहना।

शौच के दौरान अधिक जोर लगाना।

कम फाइबर वाला भोजन करना।

पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना।

लंबे समय तक बैठे रहना।

मोटापा।

गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ दबाव।

भारी वजन उठाने की आदत।

बार-बार दस्त या पेट की गड़बड़ी।

पाइल्स के प्रमुख लक्षण-

पाइल्स के मरीजों में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

शौच के समय या बाद में खून आना।

गुदा के आसपास दर्द, जलन या खुजली होना।

गुदा के पास सूजन या गांठ महसूस होना।

बैठने में असुविधा या दर्द होना।

शौच के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का अहसास।

गंभीर मामलों में गुदा से मांस का उभर आना।

पाइल्स का इलाज-

पाइल्स का उपचार उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है।

प्रारंभिक अवस्था में:

फाइबर युक्त भोजन का सेवन।

पर्याप्त पानी पीना।

नियमित व्यायाम।

डॉक्टर की सलाह से क्रीम, मलहम या दवाओं का उपयोग।

गुनगुने पानी से सिट्ज बाथ (बैठकर स्नान) लेना।

गंभीर अवस्था में: यदि दवाओं से लाभ नहीं मिलता तो डॉक्टर रबर बैंड लिगेशन, लेजर उपचार या सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

क्या परहेज करें?

पाइल्स के मरीजों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन से बचें।

जंक फूड और तली-भुनी चीजें कम खाएं।

शराब और धूम्रपान से दूरी रखें।

लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें।

शौच को कभी न रोकें।

कब्ज होने पर तुरंत उपचार कराएं।

बचाव के उपाय-

विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी का सेवन करने से पाइल्स की संभावना काफी कम हो जाती है।

नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली भी इस बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नोट: यदि शौच के दौरान लगातार खून आ रहा हो या दर्द बढ़ रहा हो तो स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए,

क्योंकि यह किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

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