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Instagram:- गैर हिंदू लड़के की इंस्टा पर हुई नाबालिग लड़की से दोस्ती बहला-फुसलाकर ले गया सहारनपुर

देहरादून, 27 दिसंबर 2025।

उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में स्थित दीपनगर इलाके से एक चौंकाने वाला लव जिहाद का मामला सामने आया है।

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में हलचल मचा दी है, जहां एक विशेष समुदाय (मुस्लिम) के 19 वर्षीय युवक अरमान ने पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय हिंदू नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ले जाकर एक दिन कमरे में रखा।

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन लड़की का मेडिकल परीक्षण अभी तक नहीं कराया गया है, जो सोमवार को होने की उम्मीद है।

इस मामले ने सोशल मीडिया की भूमिका और नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पृष्ठभूमि और शुरुआत

मामला दीपनगर इलाके का है, जहां आरोपी अरमान के पिता एक वैद्य (आयुर्वेदिक चिकित्सक) की दुकान चलाते हैं।

19 वर्षीय अरमान अक्सर अपने पिता की दुकान पर बैठा रहता था। इसी दौरान, पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की से उसकी जान-पहचान हुई।

सूत्रों से जानकारी के अनुसार, दोनों की बातचीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शुरू हुई थी।

लड़की के परिवार वालों का कहना है कि यह दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई, लेकिन जब लड़की की मां को इसकी भनक लगी तब उसने लड़की को डांटा और बातचीत बंद करने की हिदायत दी।

लड़की के चाचा ने बताया कि इंस्टाग्राम पर बात बंद होने के बाद अरमान ने लड़की को बाहर मिलने के लिए बुलाया।

लड़की, जो मां की डांट से परेशान थी, घर से निकल गई। अरमान ने अपने एक दोस्त की मदद से लड़की को घर के पास से उठाया और देहरादून के आईएसबीटी पहुंचा।

यहां से दोनों बस में सवार होकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के लिए रवाना हो गए। अरमान का दोस्त भी आईएसबीटी तक उनके साथ था और उसने दोनों को बस में बैठाने में मदद की।

लड़की ने बाद में परिवार को बताया कि वह अरमान से मिलने गई थी और घर लौटने की बात कही थी, लेकिन अरमान ने उसे जबरन सहारनपुर ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया।

घटना का विवरण: 24 घंटे की कैद और वापसी

यह घटना 23 दिसंबर 2025 को शुरू हुई, जब लड़की घर से गायब हो गई। परिजनों ने तुरंत नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

अगले दिन, यानी करीब 24 घंटे बाद, लड़की खुद अपने घर लौट आई। परिवार वालों का कहना है कि सहारनपुर में लड़की को एक कमरे में रखा गया था, जहां उस पर दबाव डाला गया।

हालांकि, लड़की किसी तरह वहां से निकलकर देहरादून वापस पहुंची। लड़की के बयान में यह स्पष्ट हुआ कि अरमान उसे धोखे से लेकर गया था।

परिवार ने आरोप लगाया कि यह लव जिहाद का स्पष्ट मामला है, जहां विशेष समुदाय के युवक ने हिंदू लड़की को फंसाने की कोशिश की।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरमान और लड़की की बातचीत इंस्टाग्राम पर होती थी, और मां की डांट के बाद लड़की भावुक होकर घर छोड़कर निकली।

चाचा ने कहा, “लड़की ने हमें बताया कि अरमान ने उसे घर लौटाने का वादा किया था, लेकिन वह उसे सहारनपुर ले गया।

हमने पुलिस से मांग की है कि मामले की गहन जांच हो और आरोपी के दोस्त को भी गिरफ्तार किया जाए।”

पुलिस की कार्रवाई और जांच

नेहरू कॉलोनी थाने की पुलिस ने परिजनों की तहरीर और लड़की के बयान के आधार पर तुरंत एक्शन लिया।

आज 26 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को अरमान को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

हालांकि, परिवार वालों की शिकायत है कि लड़की का मेडिकल परीक्षण अभी तक नहीं कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल सोमवार (29 दिसंबर 2025) को कराया जाएगा, जिससे मामले में और सबूत जुटाए जा सकेंगे।

एसएचओ नेहरू कॉलोनी ने कहा, “हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। लड़की के बयान दर्ज कर लिए गए हैं, और हम आरोपी के दोस्त की भी तलाश कर रहे हैं।

यह एक संवेदनशील मामला है, और हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।” पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में कोई सांप्रदायिक तनाव न फैले, इसके लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

परिवार की चिंता और सामाजिक प्रतिक्रिया!

लड़की के परिवार ने इस घटना को लव जिहाद का हिस्सा बताते हुए चिंता जताई है।

चाचा ने कहा, “हमारी बेटी नाबालिग है, और ऐसे मामलों में पुलिस को और सख्ती बरतनी चाहिए। इंस्टाग्राम जैसी ऐप्स पर बच्चों की निगरानी जरूरी है।”

स्थानीय हिंदू संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और मांग की है कि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई हो।

वहीं, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “लव जिहाद” जैसे शब्दों का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि यह सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है।

यह मामला उत्तराखंड में हाल के महीनों में सामने आए समान घटनाओं की कड़ी लगता है, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों को फंसाने के आरोप लगे हैं।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। मामले की जांच जारी है, और आगे की अपडेट्स की प्रतीक्षा की जा रही है।

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