प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली की सियासत की गर्माहट अब उत्तराखंड तक पहुंच गई है।
बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस के विरोध में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच करने निकले।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाजपा के कूच को देखते हुए कांग्रेस मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे रहे।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में एकजुट होकर भाजपा के प्रदर्शन पर नजर बनाए रखी।
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की आशंका को देखते हुए,
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और कांग्रेस भवन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहीं प्रदर्शन और नारेबाजी की।
कूच के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी को राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का पालन करने की सीख देनी चाहिए।
भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री आवास का घेराव लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
और इस तरह के प्रदर्शन से प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना उचित नहीं है।
भाजपा नेताओं ने सोमवार को युवाओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता युवाओं के आंदोलन में शामिल होकर माहौल को बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
तो वहीं कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह व सुजाता पॉल ने कल घटना की कड़ी निंदा करते हुए,
कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, न कि टकराव और हिंसा के जरिए।
वहीं, कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला कहा कि भाजपा के प्रदर्शन को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया।
दोनों दलों के आमने-सामने आने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग कर स्थिति को नियंत्रित रखा।
पुलिस की सतर्कता के चलते भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा महानगर तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।