भाजपा ने राहुल द्वारा राजनीति के लिए पीएम की सुरक्षा खतरे में डालने की कोशिश के खिलाफ कांग्रेस मुख्यालय से पहले पुलिस द्वारा लगाए गए बैरकिटिंग प्रदर्शन किया है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के नेतृत्व बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की।
इस दौरान मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए उन्होंने कहा, बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकतंत्र में चर्चा के सबसे बड़े मंच संसद चल रही है।
वावजूद वहां जनता के मुद्दे उठाने और उस पर सार्थक चर्चा की बजाय राहुल कांग्रेस और समूचा विपक्ष हंगामा करने और युवाओं को भड़काने में लगा है।
बेहतर होता वे छात्रों को गुमराह करना छोड़कर संसद के पटल पर उनकी बातों को कहते।
उन्होंने कहा, नीट का एग्जाम हो चुका है, छात्र बड़ी संख्या में उसमें उत्तीर्ण हो चुके हैं।
नीट परीक्षा में सफल छात्रों की काउंसलिंग भी प्रारंभ हो चुकी है। लेकिन इस सबके उलट, पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का राहुल गांधी और कांग्रेस प्रयास कर रही है।
जिसका भाजपा कार्यकर्ता अब मुंह तोड़ जवाब देखर जनता के सामने उनकी साज़िशों और नकारत्मक राजनीति की पोल खोलेंगे।
उन्होंने कहा कि, राहुल एवं कांग्रेस को लोकतंत्र में आईना दिखाना अब बहुत ज़रूरी हो गया था।
क्योंकि जिस प्रकार से संसद के दोनों सदन चल रहे हों, उस समय पर सदन के अंदर चर्चा के बजाय, प्रधानमंत्री के घर पर जाकर धरना दिया गया।
उससे राहुल गांधी ने अपनी अलोकतांत्रिक सोच एवं अराजक नीति को प्रदर्शित किया है।
पार्टी की तरफ से बहुत जिम्मेदारी और सब्र से सबी पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है।
लेकिन जिस तरह का अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक रवैया कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाया गया है,
उसके चलते जवाब देना बहुत ज़रूरी हो गया था। जिस तरह उनके द्वारा छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है,
पूरे देश के अंदर जिस प्रकार से नीट के नाम पर झूठ और अविश्वास फैलाने का काम किया जा रहा हैं।
उनके खिलाफ जवाब देनें और उनका काला सच जनता के सामने लाने का काम आज हमने किया है।
आज पूरे देश के अंदर हर प्रदेश की राजधानी केंद्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने युवा साथियों के साथ मिलकर कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है।
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की परंपराओं का हनन कर रही हैं।
लोकतंत्र के अंदर अपनी बात कहने का सबको अधिकार है। लेकिन जब सदन चल रहे हों, सदन में बात कही जाती है,
न कि सड़कों पर बात कही जाती है। और राहुल गांधी जैसा व्यक्ति जो नेता प्रतिपक्ष हो, प्रधानमंत्री के घर में जाकर धरना दे रहा हो,
आप सोच सकते हैं उनके अंदर लोकतंत्र की मर्यादाओं का कितना ज्ञान और सम्मान होगा।
कहा, सत्ताधारी पार्टी के साथ साथ एक जिम्मेदार राजनैतिक दल होने के कारण लोकतंत्र और उसकी प्रक्रिया को बचाने के दायित्व का निर्वहन हमने किया है।
लोकतंत्र में सांसद को अपनी बात कहने का अधिकार पार्लियामेंट के अंदर होता है, और राहुल गांधी पार्लियामेंट से भागते हुए और जिस प्रकार से प्रधानमंत्री के घर में जाकर धरना देते हैं,
पूरे देश के अंदर एक अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास किया हैं। ये छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र के इतिहास का “शर्मनाक दिन” बताया है।
उन्होंने कहा कि जो नेता ऐसे परिवार से आते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी पर बिना अनुमति जबरन पीएम आवास के गेट पर धरना देने का आरोप लगाया।
स्पष्ट क्या कि सरकार नीट के मुद्दे पर बहस को तैयार थी और मंत्रियों ने राहुल गांधी से चर्चा की पेशकश भी की थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
उन्होंने सवाल किया कि क्या देश गांधी परिवार के अहंकार और मर्जी से चलेगा? जिस तरह उनके द्वारा पीएम के सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया वह बेहद चिंताजनक एवं दुखद बताया है।
जबकि पीएम की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस को अंततः व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
पार्टी का आज का यह विरोध प्रदर्शन महानगर कार्यालय से प्रारंभ हुआ और वहां से राहुल और कांग्रेस के कृत्य विरोधी नारों के साथ आगे बढ़ा।
पुलिस द्वारा कांग्रेस भवन से पहले कनक चौक पर बेरिकेटिंग लगाकर रोक दिया गया।
वावजूद इसके प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर कार्यकर्ताओं से बहुत संयम दिखाया और वहीं जबरदस्त नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया।
साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर राहुल गांधी एवं कांग्रेस का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
इस प्रदर्शन के दौरान प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मंडोली,
बीजेपी महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, हरिद्वार से प्रेम शंकर पिंकी समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए।