National Service:- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, समिति पदाधिकारियों ने दिलाई स्वच्छता व राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शांति विहार फेज-3 जनकल्याण विकास समिति की ओर से श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर समिति पदाधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दोनों महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद रतूड़ी ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने देश को अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से आजादी की राह दिखाई। उनके विचार समाज को आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांतिपूर्ण जीवन की प्रेरणा देते हैं।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी,
कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया। शास्त्री जी का जीवन देशसेवा और सादगी का उदाहरण रहा है।
उनका दिया हुआ ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी देश के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
कार्यक्रम में समिति की उपाध्यक्ष मेघना, सचिव लखेड़ा, महामंत्री भोपाल सिंह चौहान, उपेंद्र दत्त तिवारी,
कोषाध्यक्ष कैलाश, सलाहकार सकलानी, फोंदणी, धर्म सिंह पंवार तथा दरमियान सिंह सजवान सहित शांति विहार फेज-3 के अनेक लोग मौजूद रहे।
सभी ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की एकता, स्वच्छता, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना भी है।
अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने तथा समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।