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tribal culture:- खटीमा में तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का भव्य शुभारंभ, जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगे सीएम धामी

खटीमा 04 अक्टूबर 2026।

उत्तराखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का खटीमा में भव्य शुभारंभ हुआ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर रंगोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।

इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य,

लोकसंगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधतापूर्ण जनजातीय विरासत की शानदार झलक पेश की।

कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तथा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम भी मौजूद रहे।

आदि रंगोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में नजर आए।

उन्होंने जनजातीय कलाकारों के साथ थिरककर उनका उत्साह बढ़ाया और स्वयं ढोल बजाकर जनजातीय संस्कृति के प्रति अपना जुड़ाव और सम्मान प्रदर्शित किया।

मुख्यमंत्री के इस सहज अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों और कलाकारों में विशेष उत्साह भर दिया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम का पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर स्वागत और सम्मान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड आदि रंगोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर लोगों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का क्षण है।

यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय समाज के गौरव का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न जनजातीय समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया के सामने रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा अपने आप में ‘मिनी इंडिया’ है, जहां विभिन्न समुदायों की संस्कृति और परंपराओं के अनेक रंग एक साथ दिखाई देते हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम का आवासीय एकलव्य विद्यालयों के विकास में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की घोषणा के लिए भी केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम से पिथौरागढ़ क्षेत्र में एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध भी किया।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि खटीमा एकलव्य विद्यालय के विस्तार एवं सुविधाओं के लिए भारत सरकार लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

उन्होंने बताया कि करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में 240 बालक और 240 बालिकाओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य,

रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

सरकार का प्रयास है कि जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और आवास निर्माण की लागत में भी वृद्धि की गई है,

जिससे अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें। ऊधम सिंह नगर जिले में इस योजना के तहत 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस वर्ष आवास के लिए प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय समाज के परिवारों के हैं।

वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रथम चरण में 824 और द्वितीय चरण में 101 आवासों का निर्माण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने बताया कि बाजपुर में 100 बेड के बालक छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।

विद्यालय निर्माण पर 16 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं, जबकि बालिका छात्रावास के लिए भी 4 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

थारू राजकीय इंटर कॉलेज के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा की बेटी टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी।

उन्होंने कहा कि दोनों ने अपनी उपलब्धि से थारू समाज के साथ पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जनजातीय समाज को रोजगार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

जनजातीय समुदायों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने, उनके विपणन को बढ़ावा देने,

तथा रिवॉल्विंग फंड और निवेश सहायता के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम करती है।

सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बीच में नहीं छोड़ा जाता और उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर लगातार ध्यान दिया जाता है।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया।

इसका उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी सहित देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है।

उन्होंने क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता से कार्य करने का आश्वासन भी दिया।

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदाय निवास करते हैं, जिनकी विशिष्ट संस्कृति और परंपराएं राज्य की पहचान को समृद्ध करती हैं।

रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की सराहना करते हुए प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और अन्य विपरीत परिस्थितियों में उनके नेतृत्व का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में जनजातीय समाज के कल्याण और उसकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है।

स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई।

उन्होंने पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

आदि रंगोत्सव में उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा,

पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला की प्रस्तुतियां दीं।

कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और मनमोहक लोक प्रस्तुतियां कार्यक्रम में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।

केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों और कलाकारों का अभिनंदन करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत और पहचान को संरक्षित रखने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अतिथियों, कलाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, खजान दास,

राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, विधायक सरिता आर्या,

दर्जा राज्यमंत्री गीता राम गौड़, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल सहित जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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