भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में आज से शुरू होने वाले विशेष अभियान को लेकर,
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में विशेष अभियान की रूपरेखा और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जानकारी साझा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग और सहभागिता की अपील की।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी महत्वपूर्ण है,
और विशेष अभियान के दौरान संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई जानकारी
बैठक के दौरान विशेष अभियान से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
निर्वाचन विभाग की ओर से अभियान के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करने तथा पात्र मतदाताओं से संबंधित विषयों पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी SIR-2026 से संबंधित प्रेस नोट और राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठकों की जानकारी उपलब्ध है।
भाजपा, कांग्रेस समेत पांच दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), इंडियन नेशनल कांग्रेस (कांग्रेस), बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी),
आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को मुख्य निर्वाचन अधिकारी,
तथा डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
विशेष अभियान में समन्वय पर जोर
निर्वाचन विभाग ने अभियान के दौरान सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर से भी अभियान के संबंध में आवश्यक सहयोग प्रदान करें,
ताकि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कार्य व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न किए जा सकें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार यह अभियान मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।