अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के प्रशासन एवं सुरक्षा विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए,
निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
मंगलवार को एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलीजेंस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर बैराज रोड पर स्टिंग ऑपरेशन कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
संस्थान प्रशासन को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की रकम वसूल रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने आपसी समन्वय से आरोपियों को पकड़ने के लिए गुप्त योजना तैयार की।
अभ्यर्थी बनाकर भेजा स्टाफ, जाल में फंसे आरोपी
सुरक्षा विभाग की इंटेलीजेंस टीम को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग बैराज रोड पर अभ्यर्थियों को एम्स किच्छा में नियुक्ति के नाम पर फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर दे रहे हैं।
इसके बाद सुरक्षा टीम ने पूरी योजना के तहत एक स्टाफ सदस्य को नौकरी की मांग करने वाले अभ्यर्थी के रूप में आरोपियों के पास भेजा।
आरोपियों की गतिविधियों और पैसों के लेन-देन की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
आरोपी एक क्रेटा वाहन में बैठकर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर नौकरी के नाम पर पैसे का लेन-देन कर रहे थे।
नर्सिंग ऑफिसर और एमटीएस के फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो अभ्यर्थियों के नाम पर तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए।
इनमें एक नियुक्ति पत्र नर्सिंग ऑफिसर और दूसरा मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) पद के लिए तैयार किया गया था।
सुरक्षा टीम ने आरोपियों के पास से अभ्यर्थियों से वसूली गई 2 लाख रुपये की नकद रकम भी बरामद की है।
फर्जी नियुक्ति पत्र और नकदी की बरामदगी के बाद एम्स सुरक्षा विभाग ने तीनों आरोपियों को उनके क्रेटा वाहन और बरामद दस्तावेजों सहित एम्स ऋषिकेश की पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया।
किच्छा क्षेत्र के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
एम्स के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चन्द्र ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है,
कि पकड़े गए तीनों आरोपी ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र, नकदी और वाहन बरामद किया गया है।
एम्स सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
युवाओं से एम्स प्रशासन की अपील—बिचौलियों के झांसे में न आएं
एम्स ऋषिकेश प्रशासन ने युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी बिचौलिए या एजेंट के झांसे में न आएं।
संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. श्रीलोय मोहंती ने कहा कि एम्स ऋषिकेश और संस्थान के सेटेलाइट सेंटर एम्स किच्छा में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं योग्यता आधारित होती है।
उन्होंने कहा कि संस्थान में भर्ती से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं एम्स की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
किसी व्यक्ति द्वारा नियुक्ति पत्र दिलाने अथवा नौकरी लगाने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है तो अभ्यर्थी को तत्काल इसकी सूचना एम्स प्रशासन अथवा पुलिस को देनी चाहिए।
एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल संस्थान के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें।