पुलिस को सूचना मिली की बसन्त विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टेबाजी लगाई जा रही है।
सूचना पर प्रभावी कार्यवाही हेतु एसएसपी देहरादून तथा एसएसपी एसटीएफ द्वारा देहरादून पुलिस तथा उत्तराखण्ड एसटीएफ की संयुक्त टीम गठित की गई।
गठित टीम द्वारा 07 मई की रात्री में संयुक्त कार्यवाही करते हुए बसंत विहार क्षेत्र स्थित ऋषि विहार कॉलोनी में किराये के फ्लैट में चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया गया।
कार्यवाही के दौरान टीम द्वारा मौके से 05 अभियुक्तों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईपीएल मैच पर सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया गया,
जिनके द्वारा ऑनलाइन वेबसाइट एवं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी करवाने की बात स्वीकार की गई।
मौके पर अभियुक्तों के कब्जे से टीम द्वारा 03 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड एवं एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन बरामद किये गये।
अभियुक्तों के विरुद्ध थाना बसंत विहार में धारा 3/4 जुआ अधिनियम 1867 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों द्वारा बताया कि वे लोग रेडीबुक बैटिंग एप के माध्यम से आईपीएल में आनॅलाईन सट्टा खिलाते है।
इस एप के यूजर आईडी, पासवर्ड आदि सुमित यादव जो उनका बॉस है तथा दिल्ली गुड़गांव मे रहता है, उन्हें उपलब्ध कराता था।
उक्त आई०डी० व पासवर्ड उसे दुबई से प्राप्त होते हैं, एप का एक्सेस प्राप्त होने के बाद उनके द्वारा सट्टा खेलने वालों के यूजर आईडी व पासवर्ड बनाये जाते हैं।
और उनसे एकाउंट में पैसे जमा कराने के बाद उन्हें ऑनलाइन सट्टा खिलवाया जाता है।
कार्यवाही के दौरान टीम को अभियुक्तों के ऐसे कई बैंक एकाउन्टो की जानकारी मिली है, जिनमे पैसे का लेन-देन किया जा रहा था, जिसकेे सम्बन्ध में जांच की जा रही है।
अभियुक्तों से पूछताछ में जानकारी मिली कि उक्त फ्लैट अंकित कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी: ग्राम- मोहम्मदपुर इमलीखेडा, तहसील रूडकी, जिला हरिद्वार का है,
जिसे सुमित यादव द्वारा अभियुक्तों को किराये पर दिलवाया गया था तथा बीच-बीच में वो स्वंय भी देहरादून उक्त फ्लैट में आया-जाया करता था।
इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से पूछताछ में सुमित यादव के बडे स्तर पर ऑनलाइन सट्टे में लिप्त होने के साथ-साथ,
उसके पूर्व में महादेव बैटिंग एप व उसके मालिक सौरभ चन्द्राकर से भी जुड़े होने,
व महादेव बैटिंग एप के भारत में बैन होने के पश्चात उसके द्वारा रेडीबुक बैटिंग एप पर काम प्रारम्भ करने की जानकारी भी पुलिस को प्राप्त हुई है।
साथ ही महादेव एप व रेडीबुक बैटिंग एप के भारत में प्रतिबन्धित होने के कारण उसके संचालकों द्वारा उसे दुबई से संचालित किया जाना प्रकाश में आया है,
जिसके सम्बन्ध में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। टीम द्वारा सभी बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं बैंकिंग दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के सम्बन्ध में भी जानकारियां जुटाई जा रही है।